
दिल्ली मेट्रो की मैजेंटा लाइन (लाइन-8) राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देने जा रही है। फेज-IV और हाल ही में स्वीकृत फेज-V (ए) के विस्तार के बाद यह कॉरिडोर सर्वाधिक इंटरचेंज स्टेशनों और भूमिगत स्टेशनों के साथ दिल्ली मेट्रो नेटवर्क का सबसे लंबा कॉरिडोर बन जाएगा।

ST.News Desk
New Delhi : रामकृष्ण आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ (सेंट्रल विस्टा के माध्यम से) तक स्वीकृत फेज-V (ए) विस्तार के बाद, फेज-IV का इंद्रप्रस्थ–इंद्रलोक कॉरिडोर भी मैजेंटा लाइन के विस्तार के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही बॉटनिकल गार्डन से इंद्रलोक तक मैजेंटा लाइन की कुल लंबाई लगभग 89 किलोमीटर हो जाएगी, जो इसे दिल्ली मेट्रो का सबसे लंबा कॉरिडोर बनाएगी।
पूर्ण रूप से चालू होने पर यह लाइन एक संपूर्ण चालक-रहित (ड्राइवरलेस) मेट्रो कॉरिडोर के रूप में संचालित होगी।
परियोजना के पूरा होने के बाद मैजेंटा लाइन पर कुल 21 इंटरचेंज स्टेशन होंगे। वर्तमान में इस लाइन के परिचालित खंड पर चार इंटरचेंज स्टेशन—कालकाजी मंदिर, बॉटनिकल गार्डन, जनकपुरी पश्चिम और हौज खास—संचालित हैं।
फेज-IV और फेज-V (ए) के तहत 17 नए इंटरचेंज स्टेशन जोड़े जाएंगे। इनमें कालिंदी कुंज, चिराग दिल्ली, टर्मिनल-1 आईजीआई एयरपोर्ट, पीरागढ़ी, पीतमपुरा (मधुबन चौक), हैदरपुर बादली मोड़, मजलिस पार्क, आज़ादपुर, पुलबंगश, नबी करीम, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, शिवाजी स्टेडियम, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, इंद्रप्रस्थ, दिल्ली गेट, नई दिल्ली और इंद्रलोक शामिल हैं।
इनमें सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, आज़ादपुर, नई दिल्ली और इंद्रलोक ट्रिपल इंटरचेंज स्टेशन होंगे, जिससे विभिन्न मेट्रो लाइनों के बीच निर्बाध आवागमन संभव होगा।
परियोजना पूरी होने के बाद बॉटनिकल गार्डन से इंद्रलोक तक इस कॉरिडोर पर कुल 65 स्टेशन होंगे, जिनमें 40 भूमिगत स्टेशन शामिल होंगे।
मैजेंटा लाइन की व्यापक इंटरचेंज सुविधाओं से यात्रियों के सफर की दूरी और समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। इससे प्रमुख कॉरिडोरों पर यातायात का दबाव घटेगा और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सुरक्षित, कुशल और निर्बाध सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।
यह कॉरिडोर इंजीनियरिंग की दृष्टि से भी विशेष महत्व रखता है। मैजेंटा लाइन पर स्थित हैदरपुर बादली मोड़ स्टेशन दिल्ली मेट्रो प्रणाली का सबसे ऊंचा एलिवेटेड स्टेशन है, जहां पियर संख्या 340 पर रेल स्तर की ऊंचाई लगभग 28.362 मीटर है। वहीं, हौज खास स्टेशन लगभग 29 मीटर की गहराई के साथ नेटवर्क का सबसे गहरा भूमिगत स्टेशन है।
ये उपलब्धियां मैजेंटा लाइन की जटिल इंजीनियरिंग क्षमता और तकनीकी उत्कृष्टता का प्रमाण हैं।

