ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास एक दर्दनाक हादसे में 12 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। जानकारी के मुताबिक, धान से लदा एक ट्रक पुलिस बैरिकेडिंग तोड़कर ढलान पर बेकाबू हो गया और सड़क पर मौजूद श्रद्धालुओं को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में मंदिर के गेट और बाहरी दीवार को भी नुकसान पहुंचा है।
ग्वालियर के एसएसपी धर्मवीर सिंह के अनुसार, हादसे के बाद 39 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया, जिनमें 12 की मौत हो गई। कई घायलों की हालत गंभीर बताई गई है। घायलों का इलाज अस्पताल में जारी है।
कैसे हुआ ग्वालियर में शीतला माता मंदिर हादसा?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बड़ी संख्या में श्रद्धालु शीतला माता मंदिर की ओर जा रहे थे। चीनोर की तरफ से आने वाली सड़क पर ढलान है, जहां भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक बताई गई है।

रात करीब 1:30 बजे धान से लदा ट्रक वहां पहुंचा। बताया गया कि ट्रक ने पुलिस बैरिकेड्स तोड़ दिए और ढलान पर नीचे की ओर बेकाबू होकर बढ़ने लगा। इसके बाद वह मंदिर के गेट और बाहरी दीवार से जा टकराया। सड़क पर मौजूद श्रद्धालु ट्रक की चपेट में आ गए। हादसे में मौके पर तैनात दो पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी जानकारी है। हालांकि, ट्रक के बेकाबू होने की सटीक वजह की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
ब्रेक फेल होने की आशंका, तकनीकी जांच शुरू
हादसे के बाद ट्रक के ब्रेक फेल होने की आशंका जताई जा रही है। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने ट्रक में क्षमता से अधिक सामान लदे होने की बात भी कही है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। प्रशासन ने दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाया जा रहा है कि नवरात्रि के दौरान बैरिकेडिंग और पुलिस चेकपॉइंट के बावजूद प्रतिबंधित मार्ग पर ट्रक कैसे पहुंचा। ट्रक की तकनीकी स्थिति की जांच के लिए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) की टीम भी भेजे जाने की जानकारी है।
घायलों का अस्पताल में इलाज
हादसे में घायल श्रद्धालुओं को ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, घायलों की चोटों का पता लगाने और इलाज के लिए सीटी स्कैन तथा एक्स-रे जैसी जांच की जा रही हैं। कुछ घायलों को फ्रैक्चर होने की जानकारी सामने आई है। गंभीर रूप से घायल लोगों की स्थिति पर चिकित्सकीय निगरानी रखी जा रही है।
नवरात्रि में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
नवरात्रि के दौरान शीतला माता मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक, बैरिकेडिंग, पुलिस निगरानी और सुरक्षित रास्तों की व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण है। इस हादसे के बाद जांच में यह भी देखा जाएगा कि प्रतिबंधित मार्ग पर ट्रक कैसे पहुंचा और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए किए गए इंतजाम कितने प्रभावी थे।
आगे की कार्रवाई: प्रशासन की जांच और ट्रक की तकनीकी रिपोर्ट से हादसे के कारणों का पता चल सकेगा। मृतकों और घायलों की संख्या में किसी बदलाव की जानकारी आधिकारिक पुष्टि के बाद ही अपडेट की जानी चाहिए।






















