नई दिल्ली: देश के प्रमुख निजी बैंकों में शामिल HDFC बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में मुनाफे में बढ़ोतरी दर्ज की है। जुलाई से सितंबर 2026 के दौरान बैंक का स्टैंडअलोन शुद्ध लाभ करीब ₹19,510 करोड़ रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह ₹18,641 करोड़ था। इस तरह सालाना आधार पर बैंक का मुनाफा लगभग 4.7% बढ़ा।
शुद्ध ब्याज आय में भी बढ़ोतरी
HDFC बैंक की शुद्ध ब्याज आय (NII) दूसरी तिमाही में 9.7% बढ़कर लगभग ₹34,619 करोड़ हो गई। शुद्ध ब्याज आय का मतलब बैंक को कर्ज पर मिलने वाले ब्याज और जमा पर दिए जाने वाले ब्याज के बीच का अंतर है। यह आंकड़ा बैंक के मुख्य बैंकिंग कारोबार की स्थिति समझने में मदद करता है।
खराब कर्ज के अनुपात में सुधार
सितंबर तिमाही में बैंक का सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (GNPA) अनुपात घटकर 1.11% रहा, जबकि जून 2026 तिमाही में यह 1.17% था। शुद्ध NPA अनुपात भी पिछली तिमाही के 0.41% से घटकर 0.37% पर आ गया। ये आंकड़े बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता का आकलन करने में उपयोगी हैं।
निवेशकों के लिए क्या मायने हैं?
मुनाफे और शुद्ध ब्याज आय में बढ़ोतरी बैंक के तिमाही प्रदर्शन के प्रमुख संकेतक हैं। हालांकि, बैंक के शेयर का प्रदर्शन केवल मुनाफे पर निर्भर नहीं करता। ब्याज मार्जिन, भविष्य की आय, कर्ज की गुणवत्ता और बाजार की परिस्थितियां भी शेयर की कीमत को प्रभावित कर सकती हैं।
नोट: यह खबर बैंक के तिमाही वित्तीय नतीजों पर आधारित है। इसे शेयर खरीदने या बेचने की सलाह न माना जाए।
स्रोत: HDFC बैंक के आधिकारिक वित्तीय नतीजे






















