वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान के साथ जारी युद्ध जल्द समाप्त हो सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि संघर्ष खत्म होने पर अमेरिका में पेट्रोल की कीमतों में बड़ी गिरावट आएगी। हालांकि, युद्ध समाप्त होने को लेकर अभी किसी अंतिम समझौते की पुष्टि नहीं हुई है और दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है।
ट्रंप ने अगस्त में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का बचाव किया था। उनका कहना था कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी है। उन्होंने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमलों को भी सही ठहराया।
ईरान ने सभी मोर्चों पर संघर्ष खत्म करने की मांग की
दूसरी ओर, ईरान ने क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए सभी मोर्चों पर लड़ाई समाप्त करने पर जोर दिया। ईरानी अधिकारियों ने कहा कि केवल एक क्षेत्र में युद्ध रोकने से व्यापक संघर्ष का समाधान नहीं निकलेगा। तेहरान ने लेबनान में इजरायली सैन्य कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया है।
ईरान का कहना है कि लेबनान और पश्चिम एशिया के दूसरे हिस्सों में जारी संघर्ष को व्यापक शांति प्रयासों से अलग नहीं देखा जा सकता। हालांकि, ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत की स्थिति को लेकर दोनों पक्षों के बयानों में अंतर रहा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर क्यों है दुनिया की नजर?
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। यहां तनाव या जहाजों की आवाजाही में रुकावट आने से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार प्रभावित हो सकता है। इसका असर कच्चे तेल की कीमतों और आगे चलकर पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
अगस्त में ट्रंप ने दावा किया था कि युद्ध समाप्त करने की संभावित व्यवस्था में होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलना शामिल होगा। लेकिन बाद के घटनाक्रम में इस मुद्दे पर सहमति नहीं बन पाई।
अक्टूबर में भी बातचीत को लेकर असमंजस
रॉयटर्स की 11 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने के प्रस्ताव पर अमेरिका की प्रतिक्रिया को अपर्याप्त बताया था। 12 अक्टूबर की रिपोर्ट में ईरान ने कहा कि वह अमेरिकी जवाब की समीक्षा कर रहा है और मध्यस्थों के जरिए आगे प्रतिक्रिया देगा। इससे स्पष्ट है कि समुद्री मार्ग और व्यापक संघर्ष को लेकर बातचीत की स्थिति अभी अनिश्चित बनी हुई है।
क्या अमेरिका में पेट्रोल सस्ता होगा?
ट्रंप ने युद्ध खत्म होने के बाद अमेरिकी पेट्रोल की कीमतें घटने की उम्मीद जताई थी। हालांकि, कीमतों में वास्तविक गिरावट इस बात पर निर्भर करेगी कि संघर्ष कितना कम होता है, होर्मुज से तेल की आपूर्ति कितनी सामान्य होती है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें किस दिशा में जाती हैं।
फिलहाल, युद्ध जल्द समाप्त होने का दावा और वास्तविक कूटनीतिक प्रगति अलग-अलग बातें हैं। किसी अंतिम समझौते और क्षेत्र में स्थायी युद्धविराम की पुष्टि होने तक स्थिति पर नजर रखना जरूरी है।






















