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Maharashtra FDA Action : तुकाराम मुंडे का ‘सिंघम’ एक्शन, McDonald’s से स्कूलों तक सख्ती; जानिए क्यों मचा हड़कंप

Posted on August 23, 2026August 23, 2026 By Chhavi Singh
  • McDonald’s और क्लबों पर कार्रवाई: मुंबई के कई प्रतिष्ठानों के खाद्य लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन पर FDA ने कार्रवाई की है।
  • जांच में गंभीर कमियां: कॉकरोच, मक्खियां, गलत स्टोरेज और स्वच्छता नियमों से जुड़ी कई खामियां सामने आईं।
  • स्कूलों में जंक फूड पर रोक: स्कूल परिसर और 50 मीटर के दायरे में HFSS खाद्य पदार्थों की बिक्री, विज्ञापन और मुफ्त वितरण पर रोक है।
  • तुकाराम मुंडे का सख्त रुख: FDA कमिश्नर के तौर पर खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के खिलाफ अभियान तेज हुआ है।

मुंबई: महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा को लेकर Food and Drug Administration (FDA) की कार्रवाई लगातार सुर्खियों में है। मुंबई में नामी फूड आउटलेट्स और क्लबों के खिलाफ लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है। जांच के दौरान कहीं कॉकरोच और मक्खियों का प्रकोप, कहीं खाद्य पदार्थों के गलत तरीके से रखे जाने और कहीं स्वच्छता नियमों के उल्लंघन जैसी गंभीर कमियां सामने आई हैं।

इस कार्रवाई के केंद्र में महाराष्ट्र FDA के कमिश्नर तुकाराम मुंडे हैं। मई 2026 में FDA कमिश्नर का पद संभालने के बाद से खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के खिलाफ उनकी सख्त कार्रवाई लगातार चर्चा में है।

McDonald’s से रेडियो क्लब तक, कई प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई

FDA ने मुंबई के कई प्रतिष्ठित खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की है। इनमें कोलाबा स्थित McDonald’s आउटलेट, द बॉम्बे प्रेसिडेंसी रेडियो क्लब और खार जिमखाना प्रमुख नाम हैं। इसके अलावा अन्य फूड प्रतिष्ठानों के लाइसेंस भी खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता नियमों के कथित उल्लंघन के चलते निलंबित किए गए हैं।

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कोलाबा स्थित McDonald’s की दोबारा जांच में पहले बताए गए कई कमियां दूर नहीं किए जाने की बात सामने आई। रिपोर्ट के मुताबिक 20 में से 18 कमियां दोबारा निरीक्षण में भी अनुपालन से बाहर पाई गईं और किचन में सक्रिय कीट संक्रमण भी मिला।

रेडियो क्लब की जांच में भी किचन के अलग-अलग हिस्सों में बड़ी संख्या में जिंदा मक्खियां, मरा हुआ कॉकरोच और कीट नियंत्रण से जुड़ी कमियां सामने आने की बात कही गई है। खाद्य पदार्थों के पास केमिकल रखने और स्टोरेज से जुड़ी खामियां भी रिपोर्ट की गईं।

जांच में क्या-क्या कमियां मिलीं?

FDA की कार्रवाई केवल साफ-सफाई तक सीमित नहीं है। खाद्य सुरक्षा से जुड़े कई पहलुओं की जांच की जा रही है। इनमें प्रमुख हैं:

  • कीटों का प्रकोप: किचन में कॉकरोच और मक्खियों की मौजूदगी।
  • खाद्य पदार्थों का गलत स्टोरेज: कई जगह खाद्य सामग्री और बर्तनों को फर्श पर रखे जाने की शिकायत।
  • क्रॉस-कंटैमिनेशन का खतरा: कच्चे और पके खाद्य पदार्थों को उचित तरीके से अलग नहीं रखने की स्थिति।
  • पेस्ट कंट्रोल में कमी: पर्याप्त कीट नियंत्रण व्यवस्था या रिकॉर्ड का अभाव।
  • तापमान नियंत्रण: रेफ्रिजरेशन और खाद्य पदार्थों के तापमान की निगरानी में कमियां।
  • केमिकल स्टोरेज: खाद्य सामग्री के नजदीक सफाई वाले केमिकल रखे जाने की स्थिति।

इन कमियों का सीधा संबंध खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं की सुरक्षा से है।

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लाइसेंस सस्पेंड होने के बाद क्या होता है?

जब FDA किसी फूड बिजनेस का लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन निलंबित करता है, तो संबंधित प्रतिष्ठान को खाद्य कारोबार से जुड़े नियमों का पालन करना होता है। कार्रवाई का उद्देश्य प्रतिष्ठान को खाद्य सुरक्षा मानकों का अनुपालन करने के लिए बाध्य करना और उपभोक्ताओं को संभावित जोखिम से बचाना है।

यह भी पढ़ें : Chirag Paswan on Reservation: आरक्षण संवैधानिक अधिकार, जंतर-मंतर प्रदर्शनकारियों से बातचीत को तैयार सरकार

McDonald’s Colaba के मामले में FDA ने निरीक्षण के बाद लाइसेंस निलंबित किया था। रिपोर्ट के मुताबिक यह कार्रवाई 19 अगस्त 2026 से प्रभावी हुई।

महाराष्ट्र में क्यों तेज हुई FDA की कार्रवाई?

महाराष्ट्र FDA की कार्रवाई का दायरा केवल बड़े रेस्टोरेंट या क्लबों तक सीमित नहीं है। खाद्य सुरक्षा विभाग अलग-अलग तरह के खाद्य कारोबार और सप्लाई चेन पर भी निगरानी बढ़ा रहा है।

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इसका महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि आज लोग रेस्टोरेंट के अलावा क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन डिलीवरी और पैकेज्ड फूड पर भी काफी निर्भर हैं। ऐसे में खाद्य पदार्थों के स्टोरेज, तापमान, पैकेजिंग और स्वच्छता की निगरानी उपभोक्ता सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हो जाती है। तुकाराम मुंडे की कार्यशैली को लेकर यह संदेश दिया जा रहा है कि जो फूड बिजनेस नियमों का पालन कर रहे हैं, उन्हें डरने की जरूरत नहीं है, लेकिन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

स्कूलों में भी जंक फूड पर सख्ती

महाराष्ट्र FDA की कार्रवाई का एक बड़ा हिस्सा बच्चों के खान-पान से जुड़ा है। राज्य में स्कूल परिसरों और उनके आसपास 50 मीटर के दायरे में हाई फैट, शुगर और सॉल्ट (HFSS) वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री, विज्ञापन और मुफ्त वितरण पर रोक लागू की गई है।

इस दायरे में चिप्स, चॉकलेट, कोल्ड ड्रिंक्स और अन्य अत्यधिक प्रोसेस्ड या HFSS खाद्य पदार्थ शामिल हैं। स्कूलों में भोजन तैयार करने और बेचने वाले कारोबारियों के लिए खाद्य सुरक्षा लाइसेंस और नियमों का पालन भी जरूरी किया गया है। इस आदेश का उद्देश्य बच्चों के बीच स्वस्थ खान-पान की आदतों को बढ़ावा देना और स्कूलों के आसपास जंक फूड की उपलब्धता कम करना है।

वड़ा पाव और समोसे पर भी सवाल

स्कूलों के आसपास HFSS खाद्य पदार्थों पर कार्रवाई के बाद वड़ा पाव और समोसे जैसे लोकप्रिय खाद्य पदार्थ भी चर्चा में आए हैं। FDA की ओर से अत्यधिक वसा, ट्रांस फैट और शुगर वाले खाद्य पदार्थों तथा डीप-फ्राइड फूड के खिलाफ सख्ती की बात कही गई है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि महाराष्ट्र में हर जगह वड़ा पाव या समोसा प्रतिबंधित कर दिया गया है। मुख्य प्रतिबंध स्कूल परिसर और उसके 50 मीटर के दायरे में लागू HFSS खाद्य पदार्थों की बिक्री, वितरण और विज्ञापन पर है।

कौन हैं तुकाराम मुंडे?

तुकाराम मुंडे महाराष्ट्र कैडर के IAS अधिकारी हैं और अपनी सख्त प्रशासनिक कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। उनकी छवि ऐसे अधिकारी की रही है जो नियमों के अनुपालन पर जोर देते हैं। उनके प्रशासनिक करियर में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां रही हैं और अलग-अलग पदों पर उनकी कार्यशैली को लेकर चर्चा होती रही है। इसी सख्त छवि के कारण उन्हें लोकप्रिय रूप से ‘सिंघम’ भी कहा जाता है। अब FDA कमिश्नर के तौर पर उनकी प्राथमिकताओं में खाद्य सुरक्षा और नियमों का सख्ती से पालन प्रमुख रूप से दिखाई दे रहा है। मई 2026 में FDA कमिश्नर का पद संभालने के बाद खाद्य कारोबार में नियमों के उल्लंघन के खिलाफ अभियान तेज हुआ है।

आम लोगों के लिए FDA की कार्रवाई का क्या मतलब?

FDA की कार्रवाई का सबसे सीधा संबंध आम उपभोक्ता की सुरक्षा से है। जब किसी रेस्टोरेंट या फूड आउटलेट की किचन में कीट, खराब स्टोरेज, गंदगी या क्रॉस-कंटैमिनेशन जैसी कमियां मिलती हैं, तो इसका असर सीधे खाने की गुणवत्ता पर पड़ सकता है। इसलिए उपभोक्ताओं के लिए भी जरूरी है कि वे भोजन खरीदते समय साफ-सफाई, पैकेजिंग, एक्सपायरी डेट और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर ध्यान दें। ऑनलाइन या क्विक-कॉमर्स के जरिए खाद्य सामग्री मंगाते समय भी पैकेज की स्थिति, तापमान-संवेदनशील उत्पादों की डिलीवरी और लेबल की जानकारी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

आगे भी जारी रह सकती है सख्ती

महाराष्ट्र में FDA की हालिया कार्रवाई से साफ है कि खाद्य सुरक्षा अब केवल कागजी अनुपालन का विषय नहीं रह गया है। बड़े रेस्टोरेंट से लेकर स्कूल कैंटीन और खाद्य सप्लायर तक, नियमों के पालन की जांच बढ़ रही है। तुकाराम मुंडे के नेतृत्व में FDA की यह सख्ती आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है। हालांकि किसी भी प्रतिष्ठान के खिलाफ लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण संबंधित कानूनी और नियामकीय प्रक्रिया के अनुसार ही होगा।

Special Report, महाराष्ट्र Tags:FDA Action, Food Safety, HFSS Food, Khar Gymkhana, Maharashtra FDA, Maharashtra News, McDonalds, Mumbai News, Radio Club, School Junk Food Ban, Tukaram Mundhe

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