
ST.News Desk

नई सरकार के गठन के करीब एक महीने बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भारत रत्न दिए जाने की मांग एक बार फिर चर्चा में आ गई है। जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर नीतीश कुमार को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित करने की अपील की है। इस मांग को अब एनडीए में शामिल चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) का भी समर्थन मिल गया है।
एलजेपी (रामविलास) के वरिष्ठ नेता और बिहार सरकार में मंत्री संजय सिंह ने केसी त्यागी की मांग को “अच्छी पहल” बताया है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार देश के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेताओं में से एक हैं और उन्होंने हमेशा आम जनता के हित में काम किया है।
‘बेदाग रहा है नीतीश कुमार का राजनीतिक जीवन’
मंत्री संजय सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार का अब तक का राजनीतिक जीवन पूरी तरह बेदाग रहा है। उनके लंबे मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान उन पर कोई भी बड़ा आरोप या दाग नहीं लगा है। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्तित्व वाले नेता के लिए यदि भारत रत्न की मांग उठती है तो यह पूरी तरह स्वागतयोग्य है और ऐसा होना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार और बिहारवासियों के लिए दिन-रात मेहनत की है। आज दूसरे राज्यों के लोग भी बिहार में हुए विकास की तारीफ करते हैं। सड़क, शिक्षा, कानून-व्यवस्था और सामाजिक सुधार जैसे कई क्षेत्रों में जो बदलाव देखने को मिले हैं, उसका श्रेय नीतीश कुमार को जाता है। उनके शब्दों में, “बिहार में जितना भी विकास हुआ है, वह नीतीश कुमार की ही देन है।”
पहले भी उठ चुकी है भारत रत्न की मांग
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग उठी हो। चुनाव से पहले भी जेडीयू के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे को जोरशोर से उठाया था। उस दौरान पार्टी कार्यालय के बाहर पोस्टर और बैनर भी लगाए गए थे।
चुनाव से पहले बीजेपी नेता गिरिराज सिंह और ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक भी नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग कर चुके हैं, हालांकि चुनावी माहौल के चलते यह मुद्दा उस समय दब गया था।
अब चुनाव के बाद नीतीश कुमार के दोबारा मुख्यमंत्री बनने पर केसी त्यागी ने इस मुद्दे को फिर से सामने रखा है। अपने पत्र में उन्होंने लिखा है कि 30 मार्च 2024 हमारे पुरखों के सम्मान का दिन है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से चौधरी चरण सिंह और कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न दिए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि समाजवादी आंदोलन के बचे हुए अनमोल रत्न नीतीश कुमार भी इस सम्मान के पूरी तरह हकदार हैं।
अब जब सहयोगी दलों से भी समर्थन मिलने लगा है, तो यह देखना दिलचस्प होगा कि केंद्र सरकार इस मांग पर क्या रुख अपनाती है। फिलहाल बिहार की राजनीति में यह मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है और आने वाले दिनों में इस पर सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।

