- TMC के नाम और ‘Flowers & Grass’ चिन्ह पर दोनों गुटों के इस्तेमाल की रोक, EC ने मांगे वैकल्पिक विकल्पराहुल गांधी ने शिवसेना और NCP का उदाहरण देते हुए भाजपा-EC पर लगाए आरोप, कहा- ‘अब पार्टी चोरी’
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल के आगामी उपचुनावों से पहले तृणमूल कांग्रेस यानी TMC के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर चुनाव आयोग के अंतरिम फैसले पर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रतिक्रिया दी है। राहुल गांधी ने चुनाव आयोग के फैसले को लेकर भाजपा और आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि उन्हें पहले शिवसेना, फिर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) और अब तृणमूल कांग्रेस के मामलों में एक जैसा पैटर्न दिखाई दे रहा है। यह राहुल गांधी का आरोप है।
दोनों TMC गुटों पर नाम और चिन्ह इस्तेमाल करने की रोक
चुनाव आयोग ने 17 सितंबर को अंतरिम आदेश जारी करते हुए दोनों प्रतिद्वंद्वी तृणमूल कांग्रेस गुटों को आगामी पश्चिम बंगाल उपचुनाव में ‘All India Trinamool Congress’ नाम और पार्टी के आरक्षित ‘Flowers & Grass’ चुनाव चिन्ह का इस्तेमाल करने से रोक दिया। आयोग ने दोनों गुटों से वैकल्पिक पार्टी नाम और चुनाव चिन्ह के विकल्प भी मांगे हैं। यह आदेश पार्टी के अंदर चल रहे विवाद के बीच आया है। आयोग के सामने दोनों पक्षों ने TMC के नाम और चुनाव चिन्ह पर अपना दावा पेश किया है। अंतरिम व्यवस्था के तहत फिलहाल किसी भी गुट को मूल नाम और आरक्षित चिन्ह का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होगी।
राहुल गांधी ने भाजपा और चुनाव आयोग पर लगाए आरोप
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि पहले शिवसेना, उसके बाद NCP और अब TMC के मामले में उन्हें एक जैसी प्रक्रिया दिखाई दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और चुनाव आयोग मिलकर पहले राजनीतिक दलों में विभाजन कराते हैं और इसके बाद पार्टी का चुनाव चिन्ह छीन लेते हैं। राहुल गांधी की यह टिप्पणी उनका राजनीतिक आरोप है, जिसे चुनाव आयोग या भाजपा की ओर से तथ्य के रूप में स्वीकार किया गया है, ऐसा उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं कहा गया है।
‘वोट चोरी, सरकार चोरी और अब पार्टी चोरी’
राहुल गांधी ने अपने बयान में ‘वोट चोरी, सरकार चोरी और अब पार्टी चोरी’ का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अगर किसी राजनीतिक दल को ही छीना जा सकता है, तो करोड़ों भारतीयों के वोट चोरी होने की बात भी हैरान करने वाली नहीं होगी। उन्होंने चुनाव आयोग की संवैधानिक भूमिका पर भी सवाल उठाया। राहुल गांधी के मुताबिक, आयोग की जिम्मेदारी जनता के जनादेश की रक्षा करना है, लेकिन उनके आरोप के अनुसार आयोग ऐसी ताकतों को मदद पहुंचा रहा है जो जनता के फैसले को बदलने की कोशिश करती हैं।
दोनों गुटों से मांगे गए नए नाम और चुनाव चिन्ह
चुनाव आयोग ने दोनों TMC गुटों को वैकल्पिक नाम और चुनाव चिन्ह के तीन-तीन विकल्प देने को कहा है। रिपोर्टों के अनुसार, दोनों पक्षों को 18 सितंबर की सुबह 11 बजे तक अपनी पसंद के विकल्प आयोग के सामने रखने थे। इसके बाद आयोग प्रत्येक गुट के लिए एक नाम और एक उपलब्ध चुनाव चिन्ह आवंटित करेगा।
पश्चिम बंगाल उपचुनाव से पहले बढ़ा राजनीतिक विवाद
यह घटनाक्रम पश्चिम बंगाल में होने वाले आगामी विधानसभा उपचुनावों से पहले सामने आया है। नंदीग्राम और रेजीनगर सीटों के उपचुनाव को लेकर TMC के दोनों गुटों ने अपने-अपने दावे पेश किए हैं। ऐसे में पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह पर आयोग की अंतरिम व्यवस्था का चुनावी प्रक्रिया पर सीधा असर पड़ रहा है।
फिलहाल आयोग का यह फैसला अंतरिम है। TMC के नाम और आरक्षित चुनाव चिन्ह पर अंतिम अधिकार को लेकर प्रक्रिया आगे जारी रहेगी। इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि भविष्य में पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह किस गुट के पास रहेगा।

