UNGA में ट्रंप ने अमेरिका की सैन्य ताकत का जिक्र किया, ईरान के खिलाफ कड़े कदम की चेतावनी दी और आर्थिक दबाव बढ़ाने की अपील की; क्यूबा को लेकर भी दिया बड़ा बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र को संबोधित किया। अपने भाषण में उन्होंने अमेरिका की सैन्य और रणनीतिक ताकत, ईरान के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई और क्यूबा की स्थिति समेत कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बात की। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका आज पहले से ज्यादा मजबूत स्थिति में है। ट्रंप के भाषण के दौरान ईरान का मुद्दा प्रमुख रहा। उन्होंने कहा कि अमेरिका की कार्रवाई से ईरान की सैन्य क्षमता कमजोर हुई है। ट्रंप ने यह भी कहा कि उनके सामने ईरान को लेकर एक बड़ा फैसला है—समझौते की दिशा में आगे बढ़ना या सैन्य कार्रवाई को और आगे ले जाना।
ईरान पर ट्रंप का कड़ा रुख
ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों से ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि ईरान को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने की रणनीति से तेल की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है। रॉयटर्स के अनुसार, ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ किसी संभावित शांति समझौते का फैसला अमेरिकी मिडटर्म चुनावों के बाद तक टल सकता है। उनके बयान के बाद तेल बाजार में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
गुटेरेस का आखिरी UNGA भाषण
ट्रंप से पहले संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने महासभा को संबोधित किया। यह महासचिव के रूप में उनका आखिरी UNGA भाषण था, क्योंकि उनका कार्यकाल इस साल के अंत में समाप्त हो रहा है। गुटेरेस ने दुनिया में बढ़ते संघर्षों, जलवायु परिवर्तन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जोखिमों पर चिंता जताई। उन्होंने देशों से युद्ध समाप्त करने, मानवीय सहायता पहुंचाने और AI के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत सुरक्षा व्यवस्था बनाने की अपील की।
पुतिन को ट्रंप का संदेश
UN मुख्यालय पहुंचने से पहले ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने की अपील करते हुए कहा कि युद्ध खत्म होना चाहिए।
क्यूबा पर भी ट्रंप का बड़ा बयान
ट्रंप ने अपने भाषण में क्यूबा की सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने क्यूबा को एक विफल राज्य बताते हुए कहा कि वहां मौजूदा कम्युनिस्ट व्यवस्था भारी दबाव में है और बदलाव आएगा। ट्रंप की इन टिप्पणियों के दौरान क्यूबा का प्रतिनिधिमंडल महासभा हॉल से बाहर निकल गया।
दुनिया की खाई पर गुटेरेस की चिंता
गुटेरेस ने अपने विदाई संबोधन में कहा कि दुनिया में विभाजन बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि केवल सैन्य शक्ति के सहारे स्थायी शांति कायम नहीं की जा सकती। उनके भाषण में बहुपक्षीय सहयोग और वैश्विक संस्थाओं में सुधार पर विशेष जोर रहा।

