16 अक्टूबर को मतदान, 2027 विधानसभा चुनाव से पहले जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने पर BJP में मंथन की चर्चा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम का ऐलान हो गया है। निर्वाचन आयोग के मुताबिक इन सीटों पर 16 अक्टूबर 2026 को मतदान होगा और इसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना की जाएगी। चुनाव की अधिसूचना 29 सितंबर को जारी होगी, जबकि नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 6 अक्टूबर है।
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव का यह मुकाबला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। मौजूदा विधानसभा में दलों की संख्या के आधार पर BJP के नेतृत्व वाले गठबंधन के खाते में आठ सीटें जाने का गणित बताया जा रहा है, जबकि समाजवादी पार्टी दो सीटें हासिल कर सकती है। हालांकि अंतिम तस्वीर उम्मीदवारों के नाम और चुनावी समीकरण स्पष्ट होने के बाद ही सामने आएगी।
BJP के सामने नए चेहरों का सवाल
उत्तर प्रदेश की जिन 10 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होना है, उनमें फिलहाल आठ BJP के पास हैं। इनमें हरदीप सिंह पुरी, अरुण सिंह, गीता शाक्य, नीरज शेखर, बृजलाल, बीएल वर्मा और सीमा द्विवेदी शामिल हैं। पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा की सीट उनके अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल नियुक्त होने के बाद 11 सितंबर से खाली है। ऐसे में BJP के सामने यह तय करने की चुनौती होगी कि मौजूदा सदस्यों में से किन चेहरों को दोबारा मौका दिया जाए और किन सीटों पर नए नेताओं को राज्यसभा भेजा जाए। राजनीतिक हलकों में इसे आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति और संगठनात्मक समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है।
ब्राह्मण चेहरे पर भी नजर
आपके इनपुट के मुताबिक BJP में ब्राह्मण प्रतिनिधित्व को लेकर भी चर्चा है। हरीश द्विवेदी और अर्चना मिश्रा जैसे नामों की संभावित दावेदारी की चर्चा राजनीतिक हलकों में है। हालांकि, इन नामों पर BJP की ओर से अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, इसलिए इन्हें संभावित दावेदार के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
केंद्रीय मंत्रियों की सीट पर भी नजर
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा की मौजूदा राज्यसभा सदस्यता का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। ऐसे में मंत्रिमंडल में उनकी भूमिका और पार्टी का अगला निर्णय भी उम्मीदवार चयन में महत्वपूर्ण हो सकता है। स्मृति ईरानी के नाम को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं हैं, लेकिन उनके राज्यसभा उम्मीदवार बनने की कोई आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है।
OBC और दलित प्रतिनिधित्व का समीकरण
BJP के संभावित उम्मीदवारों में OBC और दलित प्रतिनिधित्व को लेकर भी चर्चा हो सकती है। रेखा वर्मा का नाम संभावित दावेदारों में बताया जा रहा है। वहीं बृजलाल की सीट पर दोबारा उन्हें मौका मिलता है या कोई नया दलित चेहरा सामने आता है, यह भी पार्टी के उम्मीदवार चयन के बाद ही स्पष्ट होगा। नीरज शेखर, अरुण सिंह और गीता शाक्य जैसे मौजूदा सदस्यों को दोबारा मौका मिलेगा या उनकी जगह नए चेहरों को भेजा जाएगा, इस पर भी अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व करेगा।
सपा की दो सीटों पर नजर
मौजूदा विधानसभा गणित के आधार पर समाजवादी पार्टी के दो उम्मीदवारों के राज्यसभा पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है। सपा के वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव की सीट भी इस चुनाव में खाली हो रही है। वहीं BSP के लिए स्थिति अलग है। पार्टी के पास फिलहाल उत्तर प्रदेश विधानसभा में कोई विधायक नहीं है और राज्यसभा सदस्य रामजी गौतम का कार्यकाल भी समाप्त हो रहा है। ऐसे में चुनाव के बाद BSP का राज्यसभा में प्रतिनिधित्व समाप्त होने की स्थिति बन सकती है।
16 अक्टूबर को होगा फैसला
राज्यसभा चुनाव के लिए 29 सितंबर को अधिसूचना जारी होगी। 6 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे, 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 9 अक्टूबर तक उम्मीदवार नाम वापस ले सकेंगे। जरूरत पड़ने पर 16 अक्टूबर को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा और शाम 5 बजे मतगणना शुरू होगी।
अभी BJP और अन्य दलों ने अपने उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची जारी नहीं की है। इसलिए मौजूदा समय में सामने आ रहे नामों को संभावित दावेदार के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। उम्मीदवारों की घोषणा के बाद जातीय, क्षेत्रीय और राजनीतिक समीकरण की तस्वीर ज्यादा स्पष्ट होगी।
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