महाराष्ट्र के पूर्व कांग्रेस विधायक राहुल बोंद्रे ने BJP में शामिल होने का फैसला वापस ले लिया। राहुल गांधी से फोन पर बातचीत के बाद उन्होंने कांग्रेस में बने रहने की बात कही।
महाराष्ट्र की राजनीति में सोमवार रात उस समय बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब बुलढाणा जिले की चिखली विधानसभा सीट से पूर्व कांग्रेस विधायक राहुल बोंद्रे ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने का अपना फैसला बदल दिया। बोंद्रे मंगलवार को BJP में शामिल होने वाले थे और कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी प्रस्तावित थी।
राहुल गांधी ने फोन पर की बात
रिपोर्ट्स के मुताबिक, महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के हस्तक्षेप के बाद राहुल गांधी ने राहुल बोंद्रे से फोन पर बातचीत की। इस बातचीत का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें गांधी बोंद्रे से पार्टी नहीं छोड़ने और राजनीतिक दबाव में फैसला नहीं लेने की अपील करते सुनाई दे रहे हैं। राहुल गांधी ने बोंद्रे को भरोसा दिलाया कि कांग्रेस उनके साथ खड़ी है। बातचीत के दौरान बोंद्रे ने अपने हालिया चुनावी नुकसान और राजनीतिक परिस्थितियों का जिक्र किया। इस पर गांधी ने उन्हें संघर्ष जारी रखने की बात कही।
‘जीतने के लिए कभी-कभी हारना भी जरूरी’
बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने बोंद्रे से कहा कि “जीतने के लिए कभी-कभी हारना भी जरूरी है।” उन्होंने उनसे दबाव में आकर पार्टी छोड़ने से बचने की अपील की और कहा कि कांग्रेस उनके साथ है। बोंद्रे ने भी बातचीत के दौरान गांधी के प्रति अपना भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के फोन ने उन्हें दोबारा राजनीतिक संघर्ष के लिए हिम्मत दी है और वह उनके साथ खड़े रहेंगे।
BJP में शामिल होने का था कार्यक्रम
राहुल बोंद्रे ने रविवार को कांग्रेस छोड़कर BJP में जाने की घोषणा की थी। इसके बाद मुंबई में उनके BJP में औपचारिक प्रवेश की तैयारी की गई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और महाराष्ट्र BJP अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण की मौजूदगी प्रस्तावित थी। हालांकि, राहुल गांधी से बातचीत के बाद बोंद्रे ने BJP में जाने का फैसला वापस ले लिया। बाद में उन्होंने सोशल मीडिया पर कांग्रेस के साथ बने रहने का संकेत दिया।
चिखली से दो बार विधायक रहे हैं बोंद्रे
राहुल बोंद्रे चिखली विधानसभा सीट से 2009 और 2014 में कांग्रेस के टिकट पर विधायक चुने गए थे। इसके बाद 2019 और 2024 के विधानसभा चुनावों में उन्हें BJP की श्वेता महाले से हार का सामना करना पड़ा। वर्तमान में चिखली सीट का प्रतिनिधित्व भी श्वेता महाले कर रही हैं। बोंद्रे के BJP में जाने की घोषणा के बाद कांग्रेस नेताओं ने उनसे पार्टी में बने रहने की अपील की थी। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि चिखली क्षेत्र में उनका पुराना राजनीतिक और संगठनात्मक नेटवर्क है।
कांग्रेस नेताओं ने फैसले का स्वागत किया
बोंद्रे के कांग्रेस में बने रहने के फैसले पर कांग्रेस विधायक यशोमती ठाकुर समेत कई नेताओं ने प्रतिक्रिया दी। ठाकुर ने उनके फैसले को पार्टी के साथ बने रहने और राहुल गांधी के नेतृत्व पर भरोसे से जोड़ते हुए इसकी सराहना की। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने भी इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया दी। हालांकि, BJP की ओर से बोंद्रे के फैसले और पूरे घटनाक्रम को लेकर अलग राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आ सकती है।
इस पूरे घटनाक्रम का केंद्र राहुल बोंद्रे का BJP में प्रस्तावित प्रवेश, राहुल गांधी से उनकी बातचीत और उसके बाद कांग्रेस में बने रहने का उनका फैसला रहा।
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