रोहतास में निराशा, बिहार मंत्रिमंडल में जिले को नहीं मिली हिस्सेदारी
बिहार मंत्रिमंडल के 26 मंत्रियों में शामिल दीपक प्रकाश, जो विधानमंडल के किसी भी सदन के सदस्य नहीं और सासाराम की विधायक स्नेहलता के पुत्र हैं
हैदर अली, संचार टाइम्स ब्यूरो रोहतास
बिहार मंत्रिमंडल के हालिया विस्तार में रोहतास जिला को फिर से नजरअंदाज किया गया है। जिले के एनडीए समर्थकों में मायूसी छा गई है। खासकर सासाराम की नव-निर्वाचित विधायक स्नेहलता की जीत के बाद उम्मीदें थीं कि इस क्षेत्र से कोई मंत्री बनेगा, लेकिन परिणाम लोगों की उम्मीदों के बिल्कुल विपरीत रहे।
विश्लेषकों का कहना है कि इस बार का खेल “हो गया खेला” जैसी स्थिति बन गई है। बिहार मंत्रिमंडल में कुल 26 मंत्रियों को जगह मिली है, लेकिन उनमें एक ऐसा युवा शामिल है, जो विधानमंडल के किसी भी सदन का सदस्य नहीं है। यह 26वाँ मंत्री हैं दीपक प्रकाश, जो रालोमा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा और सासाराम की विधायक स्नेहलता के पुत्र हैं।
सासाराम के राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि जनता का बहुमत स्नेहलता जी को मिला था, और पहली बार इस विधानसभा क्षेत्र से कोई महिला विधायक बनी थी। लोग उम्मीद कर रहे थे कि इसी महिला विधायक से पहली महिला मंत्री भी बनेगी। लेकिन शपथ-ग्रहण के दिन टीवी पर नजरें टिकी हुई थीं, और उम्मीदों के विपरीत परिणाम सामने आए।
इस खेल के पीछे का रहस्य अब भी कई राजनीतिक पर्यवेक्षकों के लिए अस्पष्ट है। सासाराम की जनता को चुनाव के समय आश्वस्त किया गया था कि स्नेहलता जी की जीत का मतलब मंत्री पद और क्षेत्र का चहुँमुखी विकास होगा। लेकिन मंत्री बनने का अधिकार उनके पुत्र को मिल गया, जिससे जिले में निराशा और विरोध की स्थिति बन गई है।
सवाल यही है: यह पुत्र-मोह क्यों और कैसे उत्पन्न हुआ, और खेला हुआ कैसे? सासाराम के कुछ राजनीतिक खिलाड़ी इस खेल की दिशा और इसके कारणों को समझने में लगे हुए हैं।

