Skip to content
  • Twitter
  • Instagram
  • YouTube
  • Facebook
Sanchar Times

Sanchar Times

Hindi NEWS

  • होम
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राज्य
    • दिल्ली/NCR
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • झारखण्ड
    • बिहार
    • मध्यप्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
    • हिमाचल
  • राजनीति
    • भाजपा
    • कांग्रेस
    • चुनाव
  • खेल
  • पर्यटन
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
  • संपादकीय
  • सोशल मीडिया
  • Toggle search form
श्रेणियांराष्ट्रीयअंतर्राष्ट्रीयराज्यराजनीतिखेलमनोरंजनसंपादकीयलाइफस्टाइलसोशल मीडिया
होम पर वापस जाएंदिल्ली/NCR
suprime court 1

दिल्ली-एनसीआर प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, सिर्फ योजनाओं से काम नहीं चलेगा- जमीन पर असर दिखना चाहिए

Posted on December 1, 2025December 1, 2025 By Chhavi Singh

ST.News Desk

दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार और सभी संबंधित एजेंसियों को कड़ी फटकार लगाई। CJI सूर्यकांत ने कहा कि अब समय आ गया है कि योजनाओं का ठोस असर जमीन पर दिखे। उन्होंने स्पष्ट कहा—“हम हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठ सकते।”

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर के वायु प्रदूषण संकट पर स्वतः संज्ञान लेते हुए सुनवाई की। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि मामले की नियमित सुनवाई जरूरी है क्योंकि केवल सुनवाई सूचीबद्ध होने से ही AQI में सुधार देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि दीर्घकालिक योजनाएँ सार्वजनिक की जाएँ और उन पर विस्तृत चर्चा करके अंतिम रूप दिया जाए। अब अगली सुनवाई 10 दिसंबर को होगी।

सुनवाई के दौरान क्या-क्या हुआ?

एएसजी ऐश्वर्या भाटी ने कोर्ट को बताया कि केंद्र सरकार ने वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए अल्पकालिक योजनाओं (Short-Term Plans) का शपथपत्र दायर किया है और सभी राज्यों व संबंधित एजेंसियों के साथ बैठकें भी की हैं।

हालाँकि अदालत ने इन योजनाओं के प्रभाव पर सवाल उठाए। CJI ने पूछा—“आपने जो एक्शन प्लान बनाया था, उससे कितनी सकारात्मक प्रगति हुई? हमें यह जानना आवश्यक है। पहले हमें यह भी नहीं पता था कि कौन-कौन से कदम उठाए गए।”

पराली जलाने पर भी चर्चा

सुनवाई के दौरान पराली जलाने का मुद्दा भी उठा। एएसजी ने स्वीकार किया कि राज्यों का लक्ष्य ‘शून्य पराली जलाना’ था, लेकिन इसे हासिल नहीं किया जा सका।

इस पर CJI ने कहा, “पराली जलाना अकेला कारण नहीं है।” “कोविड के समय भी पराली जलाई जा रही थी, लेकिन तब आसमान बिल्कुल साफ था।” “किसान पराली जलाता है तो उसके पीछे आर्थिक कारण हैं—इसे राजनीतिक मुद्दा न बनाया जाए।”

प्रदूषण के लिए कौन जिम्मेदार?

एएसजी भाटी ने IIT की 2016 और 2023 की रिपोर्टों का हवाला दिया। इन रिपोर्टों के अनुसार:

सबसे बड़ा प्रदूषण स्रोत—वाहन

उसके बाद: निर्माण से धूल, औद्योगिक प्रदूषण

पराली जलाना — सिर्फ एक सीमित अवधि की समस्या

सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि एक सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट दी जाए, जिसमें बताया जाए, वाहनों से प्रदूषण नियंत्रित करने के लिए क्या कदम उठाए गए? निर्माण और धूल पर क्या कार्रवाई हुई? इन सबका वास्तविक असर क्या रहा?

इस दौरान एक वकील ने अदालत को बताया कि दिल्ली की सड़कों पर जगह-जगह अवैध पार्किंग से ट्रैफिक और प्रदूषण दोनों बढ़ते हैं। साथ ही यह भी कहा गया कि दिल्ली में वाहनों की संख्या देश के अन्य सभी महानगरों के कुल वाहनों से भी अधिक है। CJI ने कहा कि भविष्य में मेट्रो, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और लॉन्ग-टर्म इंफ्रास्ट्रक्चर महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे, लेकिन तब तक त्वरित और प्रभावी अल्पकालिक उपाय जरूरी हैं।

10 दिसंबर को अगली सुनवाई

मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया: “हम इस मामले को लंबा लंबित नहीं रहने देंगे। अगर फिर टाला गया तो वही इतिहास दोहराया जाएगा।”

दिल्ली/NCR, राष्ट्रीय

Post navigation

Previous Post: देश के कई बड़े एयरपोर्ट्स पर जीपीएस स्पूफिंग का खतरा बढ़ा; सरकार ने संसद में की पुष्टि
Next Post: दिल्ली पहुंचे हेमंत सोरेन, झारखंड में सियासी फेरबदल की अटकलें तेज

Special Report

  • GENDER IDENTITY 1
    जेंडर आइडेंटिटी पर बढ़ती बहस: युवाओं, सोशल मीडिया और चिकित्सा से जुड़े सवाल
  • OnePlus 16
    OnePlus 16 भारत में नहीं आएगा? नए फ्लैगशिप को लेकर बड़ा दावा, 16R की हो सकती है एंट्री
  • tukaram mude
    Maharashtra FDA Action : तुकाराम मुंडे का ‘सिंघम’ एक्शन, McDonald’s से स्कूलों तक सख्ती; जानिए क्यों मचा हड़कंप
  • सासाराम में आरक्षण पर बोले मंत्री लखेंद्र पासवान, कहा- NDA सरकार में कोई छू भी नहीं सकता
  • दिल्ली में नाबालिगों से रेप और गैंगरेप के दो मामले, पुलिस की कार्रवाई तेज
  • गाजियाबाद की हाईराइज सोसायटी की लिफ्ट में शख्स ने किया पेशाब, CCTV वीडियो वायरल
  • कानपुर देहात की टायर फैक्ट्री में भीषण आग, दो मजदूरों की मौत
  • गाजियाबाद में चेन स्नैचर से पुलिस की मुठभेड़, पैर में लगी गोली; साथी फरार

Sanchaar Times

देश-दुनिया, राजनीति, बिजनेस, खेल और मनोरंजन की ताजा खबरें हिंदी में पढ़ें।

Quick Links

होम
हमारे बारे में
संपर्क करें
Privacy Policy
Disclaimer

प्रमुख श्रेणियां

राष्ट्रीय
राज्य
राजनीति
बिजनेस
खेल
मनोरंजन

हमसे संपर्क करें

Editor/Chief Editor: Pankaj Kumar
Office Address: 190, Pratap Nagar, Mayur Vihar Phase-1, Delhi – 110091
Email: sanchartimes.news@gmail.com
Media: Email-media@sanchartimes.news

Follow us on Social Media

  • Facebook
  • YouTube
  • Instagram
  • X
  • WhatsApp

© Sanchar Times. All Rights Reserved.

Powered by PressBook WordPress theme

होमराष्ट्रीयअंतर्राष्ट्रीयराज्यराजनीतिखेलमनोरंजनसंपादकीयलाइफस्टाइलसोशल मीडिया