बिहार सरकार की सैटेलाइट टाउनशिप योजना में सासाराम को शामिल नहीं किए जाने पर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर मनोज सिंह ने इसे क्षेत्र के साथ भेदभाव बताते हुए सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाया है
ST.News Desk
सासाराम (रोहतास), बिहार: राज्य कैबिनेट द्वारा 11 नए ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने के फैसले में सासाराम को शामिल नहीं किए जाने पर कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर (विचार विभाग) मनोज सिंह ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने इसे क्षेत्र के विकास के साथ अन्याय और सरकार की भेदभावपूर्ण नीति करार दिया।
मनोज सिंह ने कहा कि सासाराम और पूरे शाहाबाद क्षेत्र की लंबे समय से अनदेखी की जा रही है। उनके मुताबिक, पिछले कई महीनों में क्षेत्र के विकास को लेकर कोई ठोस योजना सामने नहीं आई है, जिससे युवाओं, व्यापारियों और आम लोगों में असंतोष बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि सैटेलाइट टाउनशिप जैसी योजनाएं राज्य के विकास के लिए जरूरी हैं, लेकिन ऐतिहासिक और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सासाराम को इससे बाहर रखना समझ से परे है। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे क्षेत्र के विकास के लिए प्रभावी पहल करने में विफल रहे हैं।
मनोज सिंह ने सरकार से मांग की कि सासाराम को इस परियोजना में तत्काल शामिल किया जाए, ताकि क्षेत्र में उद्योग, रोजगार, निवेश और आधुनिक बुनियादी ढांचे का विकास हो सके। उन्होंने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधि विकास के बजाय परिवारवाद में उलझे हुए हैं, जबकि जनता अब जागरूक हो चुकी है।
अंत में उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सासाराम की अनदेखी जारी रही, तो क्षेत्र की जनता अपने अधिकारों के लिए व्यापक जनआंदोलन छेड़ने को मजबूर होगी।

