पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान को रूस का मजबूत समर्थन मिलता दिख रहा है। राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन से मुलाकात के बाद ईरानी विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची का बयान इस रणनीतिक साझेदारी को और गहरा संकेत देता है
ST.News Desk
मॉस्को: सैय्यद अब्बास अराघची ने व्लादिमिर पुतिन से मुलाकात के बाद सकारात्मक रुख दिखाते हुए 72 घंटे में तीसरी बार इस्लामाबाद का दौरा किया। इस बीच रूस ने ईरान को भरोसा दिलाया है कि वह हर संभव सहयोग देने को तैयार है।
मॉस्को में हुई इस उच्चस्तरीय बैठक के बाद अराघची ने कहा कि मौजूदा वैश्विक अस्थिरता के दौर में रूस के साथ मजबूत संवाद बेहद अहम है। उन्होंने बताया कि उन्होंने पुतिन को क्षेत्र में जारी युद्ध और हालिया घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी दी।
दरअसल, पश्चिम एशिया में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच तनाव चरम पर है। इसी बीच शांति वार्ता के दूसरे दौर को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। इससे पहले अप्रैल में दोनों पक्षों के बीच पहली वार्ता बेनतीजा रही थी।
अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि रूस के साथ उनकी रणनीतिक साझेदारी समय के साथ और मजबूत हुई है। उन्होंने रूस के समर्थन के लिए आभार जताते हुए कहा कि दोनों देशों के रिश्ते “उच्चतम स्तर” पर हैं और आगे भी मजबूत होते रहेंगे।
वहीं, पुतिन ने बैठक के दौरान स्पष्ट किया कि रूस पश्चिम एशिया में जल्द से जल्द शांति बहाल करने के लिए हरसंभव प्रयास करेगा। सर्गेई लावरोव ने भी इस वार्ता को “रचनात्मक और उपयोगी” बताया।
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि रूस दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता के लिए तैयार है और स्थायी शांति स्थापित करने के लिए “सबकुछ करने” को तैयार है।
इस बीच, अराघची ने रूस दौरे से पहले पाकिस्तान और ओमान का भी दौरा किया, जहां उन्होंने क्षेत्रीय सुरक्षा, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति और कूटनीतिक समाधान पर चर्चा की।
गौरतलब है कि यह संघर्ष 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले के बाद शुरू हुआ था, जिसके बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई से पूरा खाड़ी क्षेत्र तनाव की चपेट में आ गया।

