सासाराम
हैदर अली, रोहतास ब्यूरो चीफ संचार टाइम्स
बिहार के Sasaram नगर निगम में सफाई व्यवस्था से जुड़े एनजीओ और अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगे हैं। मजदूर संगठनों ने मानदेय न मिलने, पीएफ में गड़बड़ी और जबरन काम कराने को लेकर विरोध जताया है
Sasaram नगर निगम के तहत काम कर रही सफाई एनजीओ एजेंसियों और संबंधित अधिकारियों पर मजदूरों के शोषण का आरोप लगाया गया है। आरोप है कि निगम प्रशासन और सफाई एजेंसियों के बीच हुए शर्त एकरारनामा का पालन नहीं किया जा रहा है और जिम्मेदार अधिकारी इसकी अनदेखी कर रहे हैं।
मजदूरों का कहना है कि ट्रैक्टर, ट्रिपर ड्राइवर, सुपरवाइजर समेत महिला और पुरुष सफाई कर्मियों को तय मानदेय का भुगतान नहीं किया जा रहा। साथ ही उनके वेतन से पीएफ की कटौती तो की जाती है, लेकिन उसका जमा नहीं किया जा रहा है, जिससे श्रमिकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
आरोप यह भी है कि नगर निगम द्वारा हर महीने सफाई के नाम पर करोड़ों रुपये का भुगतान संबंधित एजेंसियों को किया जाता है, जो नगर आयुक्त, स्वच्छता पदाधिकारी और अन्य अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर होता है। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर मजदूरों को उनका हक नहीं मिल रहा।
इसके अलावा, अनुबंध के तहत वार्डों में चुना, ब्लीचिंग और मच्छररोधी दवाओं का नियमित छिड़काव होना चाहिए, लेकिन इन नियमों की भी अनदेखी की जा रही है। मजदूर संगठनों का आरोप है कि अधिकारी और एजेंसियां मिलकर मनमानी कर रहे हैं, जबकि मेयर और उप-मेयर इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं।
मजदूर दिवस के मौके पर अवकाश के बावजूद कुछ वार्डों में जबरन काम कराए जाने का भी आरोप है। बताया गया है कि करीब 25 स्थानों पर काम कराया गया, जिसके GPS और फोटो सबूत मौजूद होने का दावा किया गया है।
नौजवान भारत सभा रोहतास के संयोजक संजय वैश्य ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो बड़े स्तर पर जन आंदोलन किया जाएगा और मामले की लिखित शिकायत उच्च अधिकारियों से कर जांच की मांग की जाएगी। मजदूर संगठनों ने इस मुद्दे पर एकजुट होकर संघर्ष तेज करने की बात कही है।

