crossorigin="anonymous"> ईरान पर हमले के संकेत, ट्रंप की कूटनीतिक पहल तेज; खाड़ी में बढ़ा तनाव - Sanchar Times

ईरान पर हमले के संकेत, ट्रंप की कूटनीतिक पहल तेज; खाड़ी में बढ़ा तनाव

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अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने जहां संभावित हमले के संकेत दिए हैं, वहीं कूटनीतिक बातचीत की कोशिशें भी तेज हो गई हैं

ST.News Desk
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि वे इस महीने Joseph Aoun और Benjamin Netanyahu को बातचीत के लिए व्हाइट हाउस आमंत्रित करेंगे। इस पहल में Saudi Arabia की सक्रिय भूमिका भी सामने आ रही है, जो क्षेत्रीय तनाव कम करने की कोशिशों का संकेत है।

हालांकि ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमले को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि फिलहाल इसकी जरूरत नहीं लगती, लेकिन हालात बदलने पर यह कदम उठाया जा सकता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि Iran समझौते के लिए बेताब है, जबकि वार्ता की असली स्थिति बहुत सीमित लोगों को ही पता है।

दूसरी ओर, Masoud Pezeshkian ने अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों को सैन्य विस्तार बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ईरानी बंदरगाहों के आसपास बढ़ती अमेरिकी मौजूदगी को असहनीय बताया।

ईरान की तैयारी और आंतरिक स्थिति: Iran ने अपनी रक्षा तैयारियां तेज कर दी हैं। राजधानी Tehran में एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए हैं, ताकि ड्रोन और छोटे विमानों से संभावित हमलों को रोका जा सके। ईरान साफ कर चुका है कि वह अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम से पीछे नहीं हटेगा।

ईरान के भीतर राजनीतिक मतभेद भी उभरते दिख रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian और संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf ने विदेश मंत्री Abbas Araghchi को हटाने की मांग की है। उन पर आरोप है कि वे सरकार को नजरअंदाज कर Islamic Revolutionary Guard Corps के निर्देशों पर अमेरिका से बातचीत कर रहे हैं।

खाड़ी क्षेत्र में बढ़ती चिंता: United Arab Emirates ने अपने नागरिकों को Iran, Lebanon और Iraq छोड़ने की सलाह दी है। साथ ही इन देशों की यात्रा पर रोक लगा दी गई है। क्षेत्र में बढ़ते तनाव और संभावित संघर्ष को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।

खाड़ी में Saudi Arabia और United Arab Emirates के बीच भी रिश्ते तनावपूर्ण बताए जा रहे हैं, जिससे क्षेत्रीय संतुलन और अधिक अस्थिर हो सकता है।

अमेरिका की रणनीति: अमेरिका की खुफिया एजेंसियां मौजूदा स्थिति का आकलन कर रही हैं। यह भी देखा जा रहा है कि अगर Donald Trump अचानक युद्ध समाप्ति की घोषणा करते हैं, तो इसका अमेरिका और उसके सहयोगियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

साथ ही अमेरिकी एजेंसियां Iran के परमाणु कार्यक्रम को लेकर भी सतर्क हैं। ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान की ड्रोन और मिसाइल क्षमताओं को नुकसान पहुंचा है और यदि हालात काबू में आते हैं तो भविष्य में पेट्रोल की कीमतों में गिरावट देखी जा सकती है।

कुल मिलाकर, कूटनीति और सैन्य तैयारी—दोनों साथ-साथ चल रही हैं, जिससे मध्य पूर्व में स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है।


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