
ST.News Desk : कपिल कवाड़ नाम का यह सिपाही भारतीय सेना की राजपूत रेजिमेंट में है। वह छुट्टियों में घर आया था और श्रीनगर में अपनी पोस्ट पर जाने के लिए दिल्ली एयरपोर्ट जा रहा था। कपिल और उसका चचेरा भाई भीड़-भाड़ वाले भूनी टोल बूथ पर फँस गए। अपनी फ्लाइट के लिए देर होने की चिंता में, कपिल कार से बाहर निकला और टोल बूथ के कर्मचारियों से बात करने लगा। इसके बाद दोनों पक्षों में बहस हुई और कम से कम पाँच टोल बूथ कर्मचारियों ने कपिल और उसके चचेरे भाई की पिटाई कर दी। मारपीट के एक वीडियो में उन्हें कपिल को डंडे से पीटते हुए दिखाया गया है। इसके बाद कुछ हमलावर कपिल को एक खंभे से बाँध देते हैं, उसके हाथ पीछे खींच लेते हैं और उनमें से एक गालियाँ देता है और सिपाही की पिटाई करता है।

मेरठ पुलिस के अनुसार, यह घटना मेरठ-करनाल राजमार्ग पर भूनी टोल प्लाजा पर हुई। सोशल मीडिया पर जारी खौफनाक फुटेज में कई टोल कर्मचारी कवाड़ की पिटाई करते और उसे खंभे से बांधते हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस के अनुसार, इस मामले में कम से कम चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज की जाँच की जा रही है।
पुलिस ने बताया कि कपिल छुट्टी पर थे और श्रीनगर में ड्यूटी पर लौट रहे थे, तभी भूनी टोल प्लाजा पर यह झगड़ा हुआ। उनके अनुसार, प्लाजा पर वाहनों की लंबी कतार लगी हुई थी और कपिल जल्दी में थे और उन्होंने टोल कर्मचारियों को अपनी स्थिति बताई। हालांकि, सिपाही और टोल कर्मचारियों के बीच विवाद हो गया और उन्होंने जवान पर जान से मारने की नीयत से हमला कर दिया। मामला दर्ज कर पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य टीमें घटना के लिए ज़िम्मेदार और लोगों को गिरफ्तार करने के लिए सीसीटीवी फुटेज की जाँच कर रही हैं।
इससे पहले उत्तर प्रदेश के देवरिया में एक 65 वर्षीय सेवानिवृत्त सेना जवान की उसके पड़ोसी द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गयी थी। पुलिस ने बताया कि मृतक की पहचान रुद्रपुर थाना क्षेत्र के फतेहपुर गाँव निवासी रामदयाल कुशवाहा के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, कुशवाहा ने अपने पड़ोसी विजय बिंद द्वारा पीड़ित की ज़मीन से कार चलाने पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद दोनों के बीच बहस हो गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) अरविंद कुमार वर्मा ने बताया कि विजय और उसके कुछ साथियों ने रामदयाल की पिटाई की और भाग गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची और रामदयाल को पास के अस्पताल ले गई, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
