डॉलर के मुकाबले रुपया 96 के स्तर तक पहुंचने पर बोले केंद्रीय मंत्री, अगले महीने भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता भी होगी
ST.Desk News
केंद्रीय मंत्री Piyush Goyal ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये के 96 के स्तर तक कमजोर होने पर कहा है कि केंद्र सरकार पूरी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने भरोसा जताया कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारत इस दौर से मजबूत होकर बाहर निकलेगा।
मीडिया से बातचीत के दौरान गोयल ने कहा कि सरकार के सभी विभाग एक टीम की तरह मिलकर काम कर रहे हैं और आर्थिक हालात को संभालने के लिए विभिन्न कदमों पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत है और देश के पास हर चुनौती का सामना करने की क्षमता मौजूद है।
अगले महीने भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता
गोयल ने जानकारी दी कि अमेरिका के मुख्य वार्ताकार अगले महीने भारत दौरे पर आएंगे। इस दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि भारत लगातार वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है और दुनिया अब भारत की आर्थिक क्षमता को गंभीरता से देख रही है।
पीएम मोदी को मिला ‘एग्रीकोला मेडल’
केंद्रीय मंत्री ने Narendra Modi को संयुक्त राष्ट्र की संस्था Food and Agriculture Organization (FAO) के सर्वोच्च सम्मान ‘एग्रीकोला मेडल’ से सम्मानित किए जाने पर खुशी जताई। उन्होंने इसे भारत के किसानों और कृषि क्षेत्र के लिए किए गए प्रयासों की वैश्विक पहचान बताया।
गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में कृषि सुधारों और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़े कदम उठाए गए हैं, जिसकी सराहना अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री की हालिया विदेश यात्रा बेहद सफल रही, जहां उन्हें तीन बड़े अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए।
वैश्विक चुनौतियों के बीच आत्मनिर्भरता पर जोर
पीयूष गोयल ने स्वीकार किया कि मौजूदा वैश्विक हालात चुनौतीपूर्ण हैं, लेकिन भारत के पास मजबूत इच्छाशक्ति और आत्मविश्वास है। उन्होंने देशवासियों से आयात पर निर्भर उत्पादों के उपयोग और अनावश्यक खर्च को लेकर सतर्क रहने की अपील की।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की आत्मनिर्भर भारत की सोच को लोग गंभीरता से अपना रहे हैं और छोटे-बड़े प्रयासों के जरिए राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जिम्मेदारी से खर्च करना और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में बेहद जरूरी है।

