- Hanuman Ansh 7 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज हुई।
- पहले दिन करीब 10 लाख रुपये का कलेक्शन हुआ।
- पहले सप्ताह में लगभग 1.80 करोड़ रुपये की कमाई हुई।
- दूसरे सप्ताह में करीब 40 लाख रुपये का कलेक्शन हुआ।
- तीसरे सप्ताह में फिल्म ने लगभग 10.40 करोड़ रुपये कमाए।
- वर्ड ऑफ माउथ के चलते फिल्म की कमाई में तेजी आई।
- फिल्म का इंडिया ग्रॉस कलेक्शन करीब 96.03 करोड़ रुपये बताया गया है।
- निर्देशक विशाल चतुर्वेदी के मुताबिक फिल्म को पहले एक ओटीटी प्लेटफॉर्म से रिजेक्शन मिल चुका था।
मुंबई: विशाल चतुर्वेदी के निर्देशन में बनी फिल्म ‘Hanuman Ansh’ ने बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है। रिलीज के समय फिल्म को लेकर ज्यादा चर्चा नहीं थी और शुरुआत भी काफी धीमी रही, लेकिन बाद में दर्शकों के बीच फिल्म को लेकर चर्चा बढ़ती गई। मजबूत वर्ड ऑफ माउथ के चलते फिल्म की कमाई में जबरदस्त उछाल देखने को मिला और यह 80 करोड़ रुपये के आंकड़े के पार पहुंच गई।
फिल्म की सफलता के बीच इसके निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने एक दिलचस्प खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि कभी उनकी इसी फिल्म को एक ओटीटी प्लेटफॉर्म पर पिच किया गया था, लेकिन वहां से उन्हें रिजेक्शन का सामना करना पड़ा था।
OTT प्लेटफॉर्म ने क्यों रिजेक्ट की थी ‘हनुमान अंश’?
इंडिया टीवी से बातचीत में विशाल चतुर्वेदी ने फिल्म के शुरुआती दौर को याद किया। उन्होंने बताया कि वह अपनी कहानी लेकर एक ओटीटी प्लेटफॉर्म के पास गए थे। वहां उन्होंने फिल्म की कहानी और महाराज जी से जुड़े किरदार के बारे में विस्तार से बताया।
विशाल के मुताबिक, कहानी सुनाते समय वह खुद भावुक हो गए थे। उन्हें उम्मीद थी कि प्लेटफॉर्म उनकी कहानी को समझेगा और प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने में दिलचस्पी दिखाएगा। हालांकि, ऐसा नहीं हुआ और फिल्म को रिजेक्ट कर दिया गया। डायरेक्टर ने कहा कि उन्हें रिजेक्शन से परेशानी नहीं थी, क्योंकि एक फिल्ममेकर के तौर पर वह कई बार रिजेक्शन का सामना कर चुके हैं। उन्हें आपत्ति इस बात से थी कि प्रोजेक्ट को जिस तरीके और भाषा में रिजेक्ट किया गया, वह उन्हें अपमानजनक लगी।
‘रिजेक्शन से दिक्कत नहीं, तरीका खराब लगा’
विशाल चतुर्वेदी ने कहा कि फिल्ममेकर के लिए किसी कहानी का रिजेक्ट होना कोई नई बात नहीं है। हर फिल्ममेकर को कभी न कभी अपनी कहानी के लिए ‘ना’ सुननी पड़ती है। लेकिन उनका मानना है कि किसी प्रोजेक्ट को रिजेक्ट करने का भी एक तरीका होता है। उन्होंने कहा कि अगर किसी को कहानी पसंद नहीं आती या वह उसे उस समय बनाना नहीं चाहता, तो सम्मानपूर्वक अपनी बात कही जा सकती है।
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डायरेक्टर के मुताबिक, ओटीटी प्लेटफॉर्म की ओर से इस्तेमाल की गई भाषा उन्हें कुछ हद तक अपमानजनक लगी। यही अनुभव बाद में उनके लिए इस कहानी को और मजबूती से पर्दे पर लाने की प्रेरणा बना।
पहले दिन सिर्फ 10 लाख रुपये की कमाई
‘हनुमान अंश’ की बॉक्स ऑफिस शुरुआत बेहद धीमी रही थी। फिल्म 7 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज हुई और पहले दिन करीब 10 लाख रुपये का कलेक्शन किया।
पहले हफ्ते में फिल्म की कमाई लगभग 1.80 करोड़ रुपये रही। दूसरे सप्ताह में भी फिल्म ज्यादा रफ्तार नहीं पकड़ सकी और करीब 40 लाख रुपये का कलेक्शन हुआ। ऐसा लग रहा था कि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ज्यादा लंबी पारी नहीं खेल पाएगी। लेकिन तीसरे सप्ताह में कहानी पूरी तरह बदल गई।
वर्ड ऑफ माउथ ने बदली फिल्म की किस्मत
तीसरे सप्ताह में ‘हनुमान अंश’ को दर्शकों से शानदार प्रतिक्रिया मिलने लगी। सोशल मीडिया और दर्शकों के बीच फिल्म की चर्चा बढ़ी और धीरे-धीरे सिनेमाघरों में दर्शकों की संख्या बढ़ने लगी।
फिल्म के लिए सबसे बड़ा फायदा वर्ड ऑफ माउथ रहा। जिन दर्शकों ने फिल्म देखी, उन्होंने इसे दूसरे लोगों को देखने की सलाह दी। इसका असर टिकट बिक्री पर भी दिखाई दिया और कई शो हाउसफुल होने लगे। तीसरे सप्ताह में फिल्म ने करीब 10.40 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया, जो शुरुआती दो सप्ताह की तुलना में बड़ी छलांग थी।
चौथे सप्ताह में भी जारी रही फिल्म की रफ्तार
फिल्म की कमाई चौथे सप्ताह में भी जारी रही। दर्शकों की बढ़ती दिलचस्पी के कारण फिल्म की स्क्रीनिंग लंबे समय तक चलती रही और इसके कलेक्शन में लगातार इजाफा हुआ।
आपके दिए आंकड़ों के मुताबिक, फिल्म का इंडिया ग्रॉस कलेक्शन करीब 96.03 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। वहीं फिल्म के इंडिया नेट कलेक्शन को लेकर उपलब्ध आंकड़ों में अंतर दिखाई देता है, इसलिए अंतिम बॉक्स ऑफिस आंकड़ों के लिए आधिकारिक/ट्रेड अपडेट को आधार बनाना उचित होगा।
OTT से रिजेक्ट हुई फिल्म का थिएटर में शानदार प्रदर्शन
‘हनुमान अंश’ की कहानी इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि जिस फिल्म को रिलीज से पहले ओटीटी प्लेटफॉर्म से रिजेक्शन मिला था, वही फिल्म थिएटर में दर्शकों के बीच अपनी जगह बनाने में कामयाब रही।
फिल्म की धीमी शुरुआत के बाद जिस तरह से दर्शकों की संख्या बढ़ी, वह इसके मेकर्स के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा सकती है। खासकर तब, जब शुरुआती दिनों में फिल्म को लेकर बहुत ज्यादा चर्चा नहीं थी। विशाल चतुर्वेदी के लिए यह सफलता उस रिजेक्शन का जवाब भी मानी जा सकती है, जिसका उन्होंने फिल्म के शुरुआती दौर में सामना किया था।

