सहारनपुर: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद को लेकर चल रहे विवाद में शनिवार, 5 सितंबर को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। जिला अदालत के फैसले के बाद प्रशासन ने कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद के उस हिस्से को हटाने की कार्रवाई शुरू की, जिसे सरकारी जमीन पर बना अवैध निर्माण माना गया था। कार्रवाई के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा।
प्रशासन की कार्रवाई से पहले शुक्रवार देर रात मस्जिद को सील कर दिया गया था। शनिवार तड़के सुरक्षा व्यवस्था के बीच बुलडोजर मौके पर पहुंचा और विवादित ढांचे को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। संवेदनशील स्थिति को देखते हुए कलेक्ट्रेट के प्रवेश मार्गों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई थी।
जिला अदालत के फैसले के बाद हुई कार्रवाई
मस्जिद से जुड़े मामले में जिला अदालत ने मुस्लिम पक्ष की ओर से दाखिल अपील को खारिज करते हुए सिटी मजिस्ट्रेट के पहले के आदेश को बरकरार रखा था। अदालत ने विवादित भूमि को सरकारी जमीन माना और मस्जिद को हटाने संबंधी आदेश में हस्तक्षेप नहीं किया।
इससे पहले जुलाई 2026 में सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे से जुड़ा निर्माण मानते हुए उसे हटाने का आदेश दिया था। उस आदेश के खिलाफ मस्जिद पक्ष ने जिला अदालत का रुख किया था।
रात में मस्जिद सील, सुबह शुरू हुआ बुलडोजर एक्शन
प्रशासन ने शुक्रवार रात कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद को सील कर दिया। इसके बाद शनिवार सुबह भारी सुरक्षा के बीच ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हुई।
कार्रवाई के दौरान प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। कलेक्ट्रेट परिसर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई ताकि किसी तरह का विरोध या अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
रिपोर्टों के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल भी लगाया।
क्या है सहारनपुर कलेक्ट्रेट मस्जिद विवाद?
यह विवाद करीब डेढ़ साल से चल रहा है। जुलाई 2026 में सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद को सरकारी जमीन पर बना अवैध निर्माण मानते हुए उसे हटाने का आदेश दिया था।
मामले की शुरुआत मस्जिद के निर्माण और जमीन के इस्तेमाल को लेकर की गई शिकायत से हुई थी। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर जांच हुई और मामले को अदालत तक ले जाया गया। सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश के खिलाफ मस्जिद पक्ष ने जिला अदालत में अपील दाखिल की।
जिला अदालत ने भी मस्जिद पक्ष को राहत नहीं दी और सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखा। इसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी।
मस्जिद पक्ष ने क्या कहा?
मस्जिद पक्ष की ओर से इस कार्रवाई पर आपत्ति जताई गई है। पक्ष का कहना है कि सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को मस्जिद खाली कराने के तौर पर देखा जाना चाहिए और ध्वस्तीकरण को लेकर अलग कानूनी सवाल हैं।
मस्जिद पक्ष अब जिला अदालत के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी में है। मामले को लेकर मुस्लिम पक्ष के नेताओं ने प्रशासन से जल्दबाजी में कार्रवाई नहीं करने की अपील भी की थी।
इमरान मसूद बोले- हाई कोर्ट जाएंगे
सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने मस्जिद मामले को लेकर कहा कि मुस्लिम पक्ष इस फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट जाएगा। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि मामले को कानूनी तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।
इमरान मसूद ने जमीन से जुड़े पुराने राजस्व रिकॉर्ड का भी हवाला दिया और कहा कि विवादित भूमि के रिकॉर्ड में कुछ पुराने नाम दर्ज होने का दावा किया गया है। उनका कहना है कि मामले में राजस्व रिकॉर्ड और धार्मिक स्थल के लंबे समय से मौजूद होने से जुड़े पहलुओं को भी देखा जाना चाहिए।
इकरा हसन को सहारनपुर जाने से रोका गया
इस कार्रवाई के बीच कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन भी सहारनपुर जाने की कोशिश कर रही थीं। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने उन्हें सहारनपुर जाने से रोक दिया और उनके कैराना स्थित आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया।
इकरा हसन ने कहा कि वह सहारनपुर जाकर अधिकारियों से मुलाकात करना चाहती थीं और मामले की जानकारी लेना चाहती थीं। प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था को देखते हुए उन्हें रोके जाने की बात सामने आई है।
प्रशासन की कार्रवाई पर क्यों बढ़ा राजनीतिक विवाद?
मस्जिद पर बुलडोजर कार्रवाई के बाद मामला केवल कानूनी नहीं बल्कि राजनीतिक मुद्दा भी बन गया है। एक ओर प्रशासन इसे अदालत के आदेश के अनुपालन और सरकारी जमीन से अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई बता रहा है, वहीं दूसरी ओर मुस्लिम पक्ष और विपक्षी नेताओं ने कार्रवाई के तरीके पर सवाल उठाए हैं।
मामले में अब हाई कोर्ट का रुख किए जाने की बात कही जा रही है। ऐसे में आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजर रहेगी।

