
हैदर अली, रोहतास ब्यूरो संचार टाइम्स

• “शिक्षा के मंदिर के पास तंबाकू का कोई स्थान नहीं!”
• “जन-जन का सहयोग बने, तंबाकू मुक्त जिला बने!”
• बच्चों को तंबाकू की लत से बचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता।
• शिक्षण संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पाद बेचने पर सख्त कार्रवाई।
• तंबाकू सेवन करने वालों पर सार्वजनिक स्थलों पर जुर्माना एवं कानूनी कार्रवाई।
• जिला प्रशासन एवं पुलिस के संयुक्त प्रयास से तंबाकू नियंत्रण को अभियान के रूप में लागू किया जाएगा।
• रोहतास जिला प्रशासन एवं सोशियो इकोनॉमिक एंड एजुकेशनल डेवलपमेंट सोसायटी (सीड्स) के संयुक्त तत्वावधान में स्वास्थ्य एवं तम्बाकू नियंत्रण पर जागरूकता संगोष्ठी एवं प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन सम्पन्न। जिला प्रशासन, रोहतास एवं राज्य सरकार की तकनीकी सहयोगी संस्था सोशियो-इकोनॉमिक एंड एजुकेशनल डेवलपमेंट सोसायटी (सीड्स) के संयुक्त तत्वावधान में “तंबाकू नियंत्रण अभियान” के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी एवं प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पदाधिकारी उदिता सिंह ने की। कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त, नगर आयुक्त, सिविल सर्जन, पुलिस उपाधीक्षक, जिला योजना पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, उद्योग विभाग के महाप्रबंधक, कृषि पदाधिकारी, स्वास्थ्य विभाग, परिवहन विभाग, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग समेत जिले के सभी सरकारी पदाधिकारी, चिकित्सा अधिकारी, पंजीकृत अस्पताल प्रतिनिधि एवं मीडियाकर्मी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य बच्चों को तंबाकू की लत से बचाना एवं तंबाकू के दुष्प्रभावों को लेकर समाज में व्यापक जागरूकता फैलाना था। कार्यशाला में सीड्स के तकनीकी सहयोग से गठित त्रिस्तरीय छापामार दस्ता के सदस्यों को तंबाकू नियंत्रण अधिनियम (कोटपा-2003) के विभिन्न कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गयी और इसके प्रभावी क्रियान्वयन हेतु प्रशिक्षण प्रदान किया गया। सीड्स के राज्य कार्यक्रम प्रबंधक सुदर्शन सिंह ने अपने पावर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से बताया कि बिहार में प्रतिदिन औसतन 440 बच्चे तंबाकू सेवन की शुरूआत करते हैं, जो चिंताजनक है। उन्होंने कोटपा- 2003 की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत कार्रवाई की जानकारी देते हुए राज्य सरकार द्वारा चलाये जा रहे तंबाकू नियंत्रण अभियान की रूपरेखा प्रस्तुत की। कार्यक्रम के दौरान सिविल सर्जन डॉ. मणिराज रंजन ने कहा कि तंबाकू को जड़ से समाप्त करने हेतु सामाजिक संस्थानों और आम जनता की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। इस अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए इसे पंचायत-स्तर तक ले जाने की जरूरत है। जिला पदाधिकारी ने सभी से आह्वान किया कि रोहतास को “तंबाकू मुक्त जिला” बनाने के लिए एक जन-आंदोलन की शुरूआत करें। उन्होंने कहा कि हम सभी का कर्तव्य है कि हम बच्चों और युवाओं को इस घातक लत से दूर रखें ताकि एक बेहतर, स्वस्थ और उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित किया जा सके।
अंत में जिला नोडल पदाधिकारी डॉ0 असित रंजन ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत और धन्यवाद ज्ञापन अजय कुमार सिंह जिला कार्यक्रम प्रबंधक ने किया।
