Skip to content
  • Twitter
  • Instagram
  • YouTube
  • Facebook
Sanchar Times

Sanchar Times

Hindi NEWS

  • होम
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राज्य
    • दिल्ली/NCR
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • झारखण्ड
    • बिहार
    • मध्यप्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
    • हिमाचल
  • राजनीति
    • भाजपा
    • कांग्रेस
    • चुनाव
  • खेल
  • पर्यटन
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
  • संपादकीय
  • सोशल मीडिया
  • Toggle search form
श्रेणियांराष्ट्रीयअंतर्राष्ट्रीयराज्यराजनीतिखेलमनोरंजनसंपादकीयलाइफस्टाइलसोशल मीडिया
होम पर वापस जाएंदिल्ली/NCR
sc

आवारा कुत्तों पर सख्त रुख: सुप्रीम कोर्ट ने कहा-पहले पीड़ित, फिर डॉग लवर्स; राजस्थान हाईकोर्ट के दो जज हादसे का शिकार

Posted on January 7, 2026January 7, 2026 By Chhavi Singh

ST.News Desk
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (7 जनवरी, 2026) को आवारा कुत्तों और अन्य पशुओं से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए गंभीर चिंता जताई। जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने बताया कि पिछले 20 दिनों में राजस्थान हाईकोर्ट के दो जज सड़क पर आवारा पशुओं की मौजूदगी के कारण दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं, जबकि एक जज अब भी रीढ़ की हड्डी की गंभीर चोट से जूझ रहे हैं। सुनवाई की शुरुआत में पीठ ने कहा, “आज हम सभी को पूरा समय देंगे। किसी को यह शिकायत न रहे कि उसकी बात नहीं सुनी गई। पहले पीड़ितों को सुनेंगे, फिर डॉग लवर्स को।”

कोर्ट ने याद दिलाया कि 7 नवंबर, 2025 को उसने शैक्षणिक संस्थानों, रेलवे स्टेशनों और अस्पतालों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर कुत्तों के काटने की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताई थी। उस दौरान निर्देश दिया गया था कि आवारा कुत्तों को उचित नसबंदी और टीकाकरण के बाद तुरंत निर्धारित शेल्टर होम में स्थानांतरित किया जाए और उन्हें उस स्थान पर वापस न छोड़ा जाए, जहां से उन्हें पकड़ा गया हो।

हाईवे और एक्सप्रेसवे से हटेंगे आवारा पशु

लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने राज्य राजमार्गों, नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे से सभी मवेशियों और अन्य आवारा पशुओं को हटाने का भी निर्देश दिया था। मौजूदा सुनवाई में एमिकस क्यूरी गौरव अग्रवाल ने अपनी रिपोर्ट पेश करते हुए बताया कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) को मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने का निर्देश दिया गया था, जिसे अब तैयार कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि NHAI के अनुसार करीब 1400 किलोमीटर का संवेदनशील क्षेत्र है, जिसकी देखरेख की जिम्मेदारी राज्य सरकारों पर होगी।

रेलवे मंत्रालय को भी शामिल करने की मांग

सुनवाई के दौरान एक याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि NHAI की तरह रेलवे मंत्रालय को भी इस मामले में शामिल किया जाना चाहिए, क्योंकि रेलवे स्टेशनों पर भी आवारा कुत्तों से जुड़ी घटनाएं सामने आ रही हैं। इस पर जस्टिस संदीप मेहता ने कहा कि असम में ऐसी समस्या सामने आई थी, जहां रेलवे ने इन्फ्रारेड ट्रैकिंग जैसी तकनीकी व्यवस्था अपनाकर समाधान निकाला है।

कपिल सिब्बल ने कहा कि यदि किसी जगह समस्या वाला कुत्ता हो, तो सेंटर को कॉल किया जा सकता है, जहां कुत्ते की नसबंदी कर उसे वापस छोड़ा जाएगा। इस पर जस्टिस संदीप मेहता ने तंज कसते हुए कहा, “फिर बस यही रह जाएगा कि कुत्ते की काउंसलिंग कर दी जाए कि वो किसी को न काटे।”
इस टिप्पणी पर कपिल सिब्बल ने कहा कि इसे मजाकिया अंदाज में लिया जाना चाहिए और यह नहीं भूलना चाहिए कि समस्या के नाम पर क्रूरता का रास्ता नहीं अपनाया जा सकता। जवाब में जस्टिस मेहता ने कहा, “मुद्दा सिर्फ काटने का नहीं है, बल्कि कुत्तों की वजह से होने वाली दुर्घटनाओं का भी है। सुबह-सुबह किस कुत्ते का क्या मूड होगा, यह कोई नहीं जानता।”

शेल्टर होम और स्टरलाइजेशन सेंटर की कमी
एमिकस क्यूरी ने कोर्ट को बताया कि राज्य सरकारें आदेशों के पालन का प्रयास कर रही हैं, लेकिन शेल्टर होम और स्टरलाइजेशन सेंटर की भारी कमी है। कोर्ट के निर्देशों के अनुसार आवारा कुत्तों और मवेशियों को शेल्टर में रखने के लिए बुनियादी ढांचे का विकास जरूरी है। उन्होंने यह भी बताया कि एनिमल वेलफेयर बोर्ड (AWB) का सुझाव है कि पहले मेल डॉग्स की नसबंदी की जाए, ताकि कुत्तों की आबादी को नियंत्रित किया जा सके। इसके साथ ही एबीसी (ABC) सेंटर्स में पर्याप्त मैनपावर की भी आवश्यकता है।

एमिकस ने यह भी बताया कि राज्यों को इस मामले में हलफनामे दाखिल करने थे, लेकिन अब तक केवल 10 राज्यों के एफिडेविट ही प्राप्त हुए हैं। कोर्ट के सवाल पर उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और पंजाब जैसे बड़े राज्यों के साथ-साथ सिक्किम जैसे छोटे राज्यों ने भी अभी तक हलफनामे दाखिल नहीं किए हैं।

दिल्ली/NCR, राष्ट्रीय

Post navigation

Previous Post: मादुरो की गिरफ्तारी के बाद US-Venezuela तनाव चरम पर, चीन-रूस-ईरान-क्यूबा से रिश्ते घटाने का सख्त आदेश
Next Post: धुरंधर’ ने बदली रणवीर सिंह की किस्मत, 4000 करोड़ क्लब में एंट्री; ऋतिक-रणबीर को छोड़ा पीछे

Special Report

  • tukaram mude
    Maharashtra FDA Action : तुकाराम मुंडे का ‘सिंघम’ एक्शन, McDonald’s से स्कूलों तक सख्ती; जानिए क्यों मचा हड़कंप
  • झारखंड छात्र आंदोलन
    झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर आंदोलन 21वें दिन भी जारी, 15 अगस्त को ‘तिरंगा यात्रा’ निकालेंगे JPSC-JSSC अभ्यर्थी
  • Yogi Adityanath on Partition 1947
    1947 में मोदी जैसे प्रधानमंत्री होते तो कोई भारत का नुकसान नहीं कर पाता, बंटवारे पर योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान
  • New Rules From 1 September 2026: कल से बदल जाएंगे ये बड़े नियम, दूध से LPG तक आपकी जेब पर पड़ेगा असर
  • UP TET 2026: 13.3 लाख अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर, शिक्षक भर्ती का विज्ञापन जल्द; जानें आगे क्या होगा
  • Neeraj Chopra ने चोट के कारण सीजन किया खत्म, एशियन गेम्स और डायमंड लीग फाइनल्स से हुए बाहर
  • Nepal Flood में 600 से ज्यादा मौतें, 2500 लापता; बहकर आया बैंक लॉकर तो मची नकदी की लूट, 29 गिरफ्तार
  • Nepal Flood ने बदली तस्वीर, बिजली से लेकर भारत-चीन रिश्तों तक उठे बड़े सवाल

Sanchaar Times

देश-दुनिया, राजनीति, बिजनेस, खेल और मनोरंजन की ताजा खबरें हिंदी में पढ़ें।

Quick Links

होम
हमारे बारे में
संपर्क करें
Privacy Policy
Disclaimer

प्रमुख श्रेणियां

राष्ट्रीय
राज्य
राजनीति
बिजनेस
खेल
मनोरंजन

हमसे संपर्क करें

Editor/Chief Editor: Pankaj Kumar
Office Address: 190, Pratap Nagar, Mayur Vihar Phase-1, Delhi – 110091
Email: sanchartimes.news@gmail.com
Media: Email-media@sanchartimes.news

Follow us on Social Media

  • YouTube
  • X

© Sanchar Times. All Rights Reserved.

Powered by PressBook WordPress theme

होमराष्ट्रीयअंतर्राष्ट्रीयराज्यराजनीतिखेलमनोरंजनसंपादकीयलाइफस्टाइलसोशल मीडिया