- देविंदर बंबीहा गैंग से कथित तौर पर जुड़े जसप्रीत सिंह, अजय सिंह और पवनदीप सिंह को मलयेशिया से डिपोर्ट कर भारत लाया गया है.
- पंजाब पुलिस ने केंद्रीय एजेंसियों की मदद से तीनों को दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया.
- पुलिस के अनुसार, आरोपी हत्या, रंगदारी, विस्फोटक और लुधियाना में कथित ग्रेनेड हमले की साजिश से जुड़े मामलों में वांछित थे.
देविंदर बंबीहा गैंग से कथित तौर पर जुड़े तीन आरोपियों को मलयेशिया से डिपोर्ट कर भारत लाया गया है. पंजाब पुलिस के ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्सट्राडिशन सेल ने केंद्रीय एजेंसियों की मदद से यह कार्रवाई की. भारत पहुंचने के बाद जसप्रीत सिंह उर्फ जस बेहबल, अजय सिंह और पवनदीप सिंह को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया गया. इसके बाद तीनों को आगे की जांच के लिए पंजाब ले जाया गया.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस कार्रवाई की जानकारी साझा की है. गृह मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुरक्षित और संरक्षित भारत के लक्ष्य के तहत भारतीय एजेंसियों ने वर्ष 2026 में अब तक 51 कुख्यात अपराधियों को विदेशों से वापस भारत लाने में मदद की है.
कौन हैं मलयेशिया से भारत लाए गए तीन आरोपी?
पंजाब पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान फरीदकोट निवासी जसप्रीत सिंह उर्फ जस बेहबल तथा राजस्थान के श्रीगंगानगर निवासी अजय सिंह और पवनदीप सिंह के रूप में हुई है. पुलिस का दावा है कि तीनों देविंदर बंबीहा गैंग के मलयेशिया स्थित प्रमुख ऑपरेटर थे.
पुलिस के मुताबिक तीनों अलग-अलग आपराधिक मामलों में वांछित थे. इनमें हत्या, रंगदारी, विस्फोटकों से जुड़े मामले और लुधियाना में कथित हैंड ग्रेनेड हमले की साजिश शामिल है. अब जांच एजेंसियां इनके भारत और विदेश में मौजूद संपर्कों तथा कथित आपराधिक नेटवर्क की जानकारी जुटा रही हैं.
जसप्रीत सिंह उर्फ जस बेहबल पर क्या आरोप?
पंजाब पुलिस के अनुसार, जसप्रीत सिंह जून 2019 में मलयेशिया गया था. वहां कथित रूप से वह एक फरार गैंगस्टर के संपर्क में आया और बाद में देविंदर बंबीहा गैंग से जुड़ गया. पुलिस का दावा है कि समय के साथ वह गैंग का अहम ऑपरेटर बन गया.
पुलिस ने जसप्रीत को 2025 के एक हत्या मामले में औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया है. यह मामला यादविंदर सिंह और पंजाब विश्वविद्यालय के पूर्व नेता जीवंजोत सिंह चहल उर्फ जुगनू के चालक की हत्या से जुड़ा बताया गया है. मामले में उसकी कथित भूमिका की जांच की जा रही है.
अजय और पवनदीप पर लुधियाना में ग्रेनेड हमले की साजिश का आरोप
पुलिस के अनुसार, अजय सिंह और पवनदीप सिंह पर 2025 में लुधियाना में हैंड ग्रेनेड हमला कराने की कथित साजिश में शामिल होने का आरोप है. पुलिस का दावा है कि दोनों ने अपने स्थानीय सहयोगियों को हमला करने का काम सौंपा था.
हालांकि पुलिस ने इस कथित साजिश को हमले से पहले ही नाकाम करने का दावा किया था. 27 अक्तूबर 2025 को दो कथित सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया और उनके पास से एक P-86 चीनी हैंड ग्रेनेड बरामद करने का दावा किया गया था.
इन मामलों में आरोपों की जांच अभी जारी है और दोष सिद्ध होने का अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा.
क्या सामने आया है ISI कनेक्शन?
पंजाब पुलिस ने तीनों आरोपियों से जुड़े मामलों में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से कथित संबंध होने की बात भी कही है. पंजाब के DGP गौरव यादव ने कहा कि आरोपियों से जुड़े हत्या, रंगदारी, विस्फोटक और लुधियाना ग्रेनेड साजिश के मामलों में कथित ISI लिंक की भी जांच की जा रही है.
हालांकि ISI से संबंध का दावा जांच एजेंसियों का आरोप है. इसे अभी किसी अदालत का स्थापित निष्कर्ष नहीं माना जा सकता.
कई महीनों से चल रही थी आरोपियों की निगरानी
पंजाब पुलिस के मुताबिक तीनों आरोपियों को भारत वापस लाने की कार्रवाई अचानक नहीं हुई. काउंटर इंटेलिजेंस के ADGP अमित प्रसाद के अनुसार, यह कई महीनों तक चली खुफिया जानकारी जुटाने और आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखने वाली कार्रवाई का नतीजा है.
एजेंसियों ने आरोपियों की गतिविधियों को ट्रैक किया, जिसके बाद उन्हें मलयेशिया में हिरासत में लेकर भारत डिपोर्ट करने की प्रक्रिया पूरी की गई. अब पुलिस उनसे विदेश में मौजूद कथित गैंग नेटवर्क, आर्थिक लेनदेन, संपर्कों और भारत में सक्रिय सहयोगियों के बारे में पूछताछ करेगी.

