Skip to content
  • Twitter
  • Instagram
  • YouTube
  • Facebook
Sanchar Times

Sanchar Times

Hindi NEWS

  • होम
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राज्य
    • दिल्ली/NCR
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • झारखण्ड
    • बिहार
    • मध्यप्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
    • हिमाचल
  • राजनीति
    • भाजपा
    • कांग्रेस
    • चुनाव
  • खेल
  • पर्यटन
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
  • संपादकीय
  • सोशल मीडिया
  • Toggle search form
श्रेणियांराष्ट्रीयअंतर्राष्ट्रीयराज्यराजनीतिखेलमनोरंजनसंपादकीयलाइफस्टाइलसोशल मीडिया
होम पर वापस जाएंराजनीति
pm modi in delhi

SRCC में 13 साल बाद फिर गूंजा ‘आधा भरा ग्लास’, PM Modi ने बताया कैसे बदला भारत को देखने का नजरिया

Posted on September 6, 2026September 6, 2026 By Chhavi Singh No Comments on SRCC में 13 साल बाद फिर गूंजा ‘आधा भरा ग्लास’, PM Modi ने बताया कैसे बदला भारत को देखने का नजरिया
  • 6 फरवरी 2013 को SRCC में दिए गए अपने भाषण में भी नरेंद्र मोदी ने इसी उदाहरण के जरिए सकारात्मक सोच और भारत के भविष्य की बात की थी।

नई दिल्ली: दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के शताब्दी समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 13 साल पुराने भाषण को याद किया। शनिवार शाम आयोजित कार्यक्रम में पीएम मोदी ने एक बार फिर पानी से भरे आधे ग्लास का उदाहरण देते हुए बताया कि किसी भी परिस्थिति को देखने के अलग-अलग नजरिए हो सकते हैं।

दिलचस्प बात यह रही कि 6 फरवरी 2013 को SRCC में दिए गए अपने भाषण में भी नरेंद्र मोदी ने इसी उदाहरण के जरिए सकारात्मक सोच और भारत के भविष्य की बात की थी। उस समय वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे और देश की मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी के प्रमुख नेताओं में शामिल थे।

13 साल बाद फिर क्यों याद आया आधा भरा ग्लास?

SRCC के शताब्दी समारोह में पीएम मोदी ने कहा कि 2013 में उन्होंने पानी के ग्लास का उदाहरण देते हुए तीन अलग-अलग नजरिए सामने रखे थे। उनके मुताबिक उस दौर में देश में काफी नकारात्मकता का माहौल था। पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें उस समय ग्लास केवल आधा खाली नहीं, बल्कि आधा पानी और आधा हवा से भरा हुआ दिखाई देता था। उनके मुताबिक यही सोच परिस्थितियों को देखने का सकारात्मक तरीका है। उन्होंने यह भी कहा कि 2013 के उनके भाषण की आज फिर चर्चा हो रही है और उस संबोधन का प्रभाव अभी भी महसूस किया जा सकता है।

यह भी पढ़ें : Dinesh Sharma को अंडमान-निकोबार का उपराज्यपाल बनाने के पीछे क्या है BJP की रणनीति? ब्राह्मण वोट बैंक को लेकर बड़ा संदेश

‘विपक्ष में था, फिर भी सरकार पर आरोप नहीं लगाया’

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पुराने भाषण को याद करते हुए कहा कि 2013 में जब वह SRCC पहुंचे थे, तब देश में यह उम्मीद की जा रही थी कि वह तत्कालीन केंद्र सरकार पर राजनीतिक हमला करेंगे। लेकिन उन्होंने कहा कि उन्होंने उस मंच का इस्तेमाल केवल तत्कालीन सरकार की आलोचना करने के लिए नहीं किया। इसके बजाय उन्होंने भारत के लिए अपना विजन सामने रखा और सकारात्मक सोच की बात की। पीएम मोदी ने कहा कि उस समय वह देश की मुख्य विपक्षी पार्टी के सदस्य थे, लेकिन उन्होंने जो कुछ कहा था, वह पूरे विश्वास के साथ कहा था और बाद में भी उसी दिशा में आगे बढ़ते रहे।

2013 में SRCC भाषण क्यों था अहम?

6 फरवरी 2013 का SRCC भाषण नरेंद्र मोदी के राजनीतिक सफर में काफी महत्वपूर्ण माना गया था। उस समय वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे। SRCC में छात्रों के बीच दिए गए उस भाषण ने राष्ट्रीय स्तर पर उनकी राजनीतिक छवि को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। इसके बाद 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले नरेंद्र मोदी को बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर पेश किया गया। यही वजह है कि 13 साल बाद SRCC के शताब्दी समारोह में उनके उसी पुराने भाषण का जिक्र राजनीतिक और सामाजिक नजरिए से भी महत्वपूर्ण हो गया।

2013 के ‘तीसरे नजरिए’ में क्या कहा था मोदी ने?

2013 में नरेंद्र मोदी ने छात्रों को समझाया था कि किसी एक स्थिति को देखने के अलग-अलग तरीके हो सकते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा था कि आशावादी व्यक्ति को ग्लास आधा भरा दिखाई देता है, जबकि निराशावादी को वही ग्लास आधा खाली नजर आता है। मोदी ने इसके आगे अपना ‘तीसरा नजरिया’ बताया था। उनके मुताबिक ग्लास को सिर्फ आधा भरा या आधा खाली देखने के बजाय यह भी देखा जा सकता है कि वह आधा पानी और आधा हवा से भरा है। उनका तर्क था कि इसी सकारात्मक ऊर्जा और सोच के जरिए निराशा के माहौल को बदला जा सकता है।

2026 में फोकस ‘विकसित भारत 2047’ पर

शनिवार को SRCC के शताब्दी समारोह में पीएम मोदी के भाषण का बड़ा हिस्सा 2013 के भारत और मौजूदा भारत के बीच अंतर पर केंद्रित रहा। उन्होंने देश के भविष्य के लिए विकसित भारत 2047 के विजन की भी बात की। इस तरह 13 साल पहले छात्रों के सामने रखे गए सकारात्मक नजरिए को प्रधानमंत्री ने वर्तमान भारत और भविष्य के लक्ष्य से जोड़ने की कोशिश की।

2013 से 2026 तक बदल गया संदर्भ

SRCC में पीएम मोदी के दोनों भाषणों के बीच 13 साल का अंतर है। 2013 में वह गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर कॉलेज पहुंचे थे, जबकि शनिवार को वह प्रधानमंत्री के रूप में शताब्दी समारोह में शामिल हुए। इस दौरान भारत की राजनीतिक और आर्थिक परिस्थितियों में बड़े बदलाव आए हैं। ऐसे में पीएम मोदी द्वारा अपने पुराने ‘आधा पानी-आधा हवा’ वाले उदाहरण को दोबारा याद करना उनके लिए 2013 के विजन और आज के विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को जोड़ने का माध्यम भी रहा।

PM Modi SRCC Speech: क्या है मुख्य संदेश?

पीएम मोदी के शनिवार के संबोधन में सबसे अहम संदेश यही रहा कि किसी भी परिस्थिति को केवल कमी या नकारात्मकता के नजरिए से नहीं देखना चाहिए। 2013 में उन्होंने जिस ‘तीसरे नजरिए’ की बात की थी, 13 साल बाद उसी उदाहरण को याद करते हुए उन्होंने बताया कि वह सोच आज भी उनके विजन का हिस्सा है।

यानी 2013 का ‘आधा पानी-आधा हवा’ वाला ग्लास अब 2047 के विकसित भारत के विजन से जुड़ गया है।

राजनीति Tags:2013 SRCC Speech, Developed India 2047, Narendra Modi, PM Modi, PM Modi Speech, SRCC, SRCC Centenary

Post navigation

Previous Post: Previous Post

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Special Report

  • tukaram mude
    Maharashtra FDA Action : तुकाराम मुंडे का ‘सिंघम’ एक्शन, McDonald’s से स्कूलों तक सख्ती; जानिए क्यों मचा हड़कंप
  • झारखंड छात्र आंदोलन
    झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर आंदोलन 21वें दिन भी जारी, 15 अगस्त को ‘तिरंगा यात्रा’ निकालेंगे JPSC-JSSC अभ्यर्थी
  • Yogi Adityanath on Partition 1947
    1947 में मोदी जैसे प्रधानमंत्री होते तो कोई भारत का नुकसान नहीं कर पाता, बंटवारे पर योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान
  • SRCC में 13 साल बाद फिर गूंजा ‘आधा भरा ग्लास’, PM Modi ने बताया कैसे बदला भारत को देखने का नजरिया
  • (no title)
  • Government Employees News: सरकारी कर्मचारियों को एक साथ कई फायदे, DA की 2 किश्तें और पेंशन में 15% तक बढ़ोतरी; जानिए कब मिलेगा पैसा
  • Dinesh Sharma को अंडमान-निकोबार का उपराज्यपाल बनाने के पीछे क्या है BJP की रणनीति? ब्राह्मण वोट बैंक को लेकर बड़ा संदेश
  • सागर में जहरीली शराब का कहर! 9 से ज्यादा लोगों की मौत, ‘बाम्बे व्हिस्की’ शिकायत पर उठे सवाल

Sanchaar Times

देश-दुनिया, राजनीति, बिजनेस, खेल और मनोरंजन की ताजा खबरें हिंदी में पढ़ें।

Quick Links

होम
हमारे बारे में
संपर्क करें
Privacy Policy
Disclaimer

प्रमुख श्रेणियां

राष्ट्रीय
राज्य
राजनीति
बिजनेस
खेल
मनोरंजन

हमसे संपर्क करें

Editor/Chief Editor: Pankaj Kumar
Office Address: 190, Pratap Nagar, Mayur Vihar Phase-1, Delhi – 110091
Email: sanchartimes.news@gmail.com
Media: Email-media@sanchartimes.news

Follow us on Social Media

  • YouTube
  • X

© Sanchar Times. All Rights Reserved.

Powered by PressBook WordPress theme

होमराष्ट्रीयअंतर्राष्ट्रीयराज्यराजनीतिखेलमनोरंजनसंपादकीयलाइफस्टाइलसोशल मीडिया