सागर: मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा क्षेत्र में कथित जहरीली शराब पीने से 9 से ज्यादा लोगों की मौत की खबर सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। घटना बंडा थाना क्षेत्र के बराज गांव की बताई जा रही है। कई लोगों की तबीयत बिगड़ने और कुछ की हालत गंभीर होने की सूचना है। एक साथ कई लोगों की मौत की खबर मिलने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।
घटना के बाद गांव में शोक और भय का माहौल है। प्रशासन इस बात की जांच में जुटा है कि मृतकों और बीमार लोगों ने क्या सेवन किया था और उनकी तबीयत किन परिस्थितियों में बिगड़ी। फिलहाल कथित जहरीली शराब को मौतों की वजह माना जा रहा है, लेकिन मौत का वास्तविक कारण जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
बराज गांव में कथित जहरीली शराब से मचा हड़कंप
बंडा थाना क्षेत्र के बराज गांव में शनिवार देर रात कई लोगों की अचानक तबीयत बिगड़ने की सूचना सामने आई। इसके बाद एक के बाद एक मौत की खबर से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। शुरुआती जानकारी में आशंका जताई जा रही है कि प्रभावित लोगों ने कथित तौर पर जहरीली या नकली शराब का सेवन किया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन सक्रिय हुआ तथा अधिकारियों की टीम गांव पहुंची। स्थानीय स्तर पर लोगों से जानकारी जुटाई जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि मृतकों और बीमार लोगों ने शराब कहां से खरीदी थी।
सागर एसपी समेत पुलिस-प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची
मामले की गंभीरता को देखते हुए सागर पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया समेत पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। प्रशासन की जांच में मुख्य रूप से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पीड़ितों ने कौन-सी शराब पी थी, शराब कहां से खरीदी गई थी और क्या सभी लोगों ने एक ही स्थान से शराब ली थी। पुलिस शराब के अवैध कारोबार और कथित नकली शराब की सप्लाई से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है।
‘बाम्बे व्हिस्की’ नाम की कथित नकली शराब की शिकायत
घटना के बाद आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के अनुसार, कुछ समय पहले एक शराब ठेकेदार की ओर से आबकारी विभाग को ‘बाम्बे व्हिस्की’ नाम से कथित नकली शराब की बिक्री की शिकायत दी गई थी।
आरोप है कि शिकायत मिलने के बावजूद मामले में अपेक्षित स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई। अब बराज गांव में कथित जहरीली शराब से मौतों की खबर सामने आने के बाद पुरानी शिकायत भी चर्चा में आ गई है। हालांकि, यह अभी जांच का विषय है कि कथित ‘बाम्बे व्हिस्की’ और बराज गांव में हुई मौतों के बीच कोई सीधा संबंध है या नहीं। पुलिस और प्रशासन द्वारा मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
नकली और अवैध शराब के कारोबार पर उठे गंभीर सवाल
सागर में सामने आई इस घटना ने जिले में कथित अवैध और नकली शराब के कारोबार को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि नकली शराब की बिक्री को लेकर पहले शिकायत मिली थी तो उस पर क्या कार्रवाई की गई और संबंधित अधिकारियों ने मामले को किस स्तर तक जांचा। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी नाराजगी और डर का माहौल बताया जा रहा है। ग्रामीणों की मांग है कि कथित जहरीली शराब की सप्लाई के स्रोत का पता लगाकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
पुलिस जांच के बाद साफ होगी मौत की असली वजह
फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटे हैं। मृतकों के पोस्टमार्टम और अन्य जांच रिपोर्ट के आधार पर मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होने की उम्मीद है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि सभी प्रभावित लोगों ने एक ही जगह से शराब खरीदी थी या अलग-अलग स्थानों से।
यदि जांच में जहरीली या नकली शराब की पुष्टि होती है, तो शराब की सप्लाई करने वाले नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है।
क्या है पूरा मामला?
- मामला मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा क्षेत्र का है।
- घटना बराज गांव में सामने आई है।
- कथित जहरीली शराब पीने से 9 से ज्यादा लोगों की मौत की खबर है।
- कुछ लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
- सागर एसपी अनुराग सुजानिया समेत पुलिस-प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची।
- ‘बाम्बे व्हिस्की’ नाम की कथित नकली शराब को लेकर पहले शिकायत किए जाने की जानकारी सामने आई है।
- आबकारी विभाग की कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
- पुलिस और प्रशासन अब पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।

