- 6 फरवरी 2013 को SRCC में दिए गए अपने भाषण में भी नरेंद्र मोदी ने इसी उदाहरण के जरिए सकारात्मक सोच और भारत के भविष्य की बात की थी।
नई दिल्ली: दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के शताब्दी समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 13 साल पुराने भाषण को याद किया। शनिवार शाम आयोजित कार्यक्रम में पीएम मोदी ने एक बार फिर पानी से भरे आधे ग्लास का उदाहरण देते हुए बताया कि किसी भी परिस्थिति को देखने के अलग-अलग नजरिए हो सकते हैं।
दिलचस्प बात यह रही कि 6 फरवरी 2013 को SRCC में दिए गए अपने भाषण में भी नरेंद्र मोदी ने इसी उदाहरण के जरिए सकारात्मक सोच और भारत के भविष्य की बात की थी। उस समय वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे और देश की मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी के प्रमुख नेताओं में शामिल थे।
13 साल बाद फिर क्यों याद आया आधा भरा ग्लास?
SRCC के शताब्दी समारोह में पीएम मोदी ने कहा कि 2013 में उन्होंने पानी के ग्लास का उदाहरण देते हुए तीन अलग-अलग नजरिए सामने रखे थे। उनके मुताबिक उस दौर में देश में काफी नकारात्मकता का माहौल था। पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें उस समय ग्लास केवल आधा खाली नहीं, बल्कि आधा पानी और आधा हवा से भरा हुआ दिखाई देता था। उनके मुताबिक यही सोच परिस्थितियों को देखने का सकारात्मक तरीका है। उन्होंने यह भी कहा कि 2013 के उनके भाषण की आज फिर चर्चा हो रही है और उस संबोधन का प्रभाव अभी भी महसूस किया जा सकता है।
‘विपक्ष में था, फिर भी सरकार पर आरोप नहीं लगाया’
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पुराने भाषण को याद करते हुए कहा कि 2013 में जब वह SRCC पहुंचे थे, तब देश में यह उम्मीद की जा रही थी कि वह तत्कालीन केंद्र सरकार पर राजनीतिक हमला करेंगे। लेकिन उन्होंने कहा कि उन्होंने उस मंच का इस्तेमाल केवल तत्कालीन सरकार की आलोचना करने के लिए नहीं किया। इसके बजाय उन्होंने भारत के लिए अपना विजन सामने रखा और सकारात्मक सोच की बात की। पीएम मोदी ने कहा कि उस समय वह देश की मुख्य विपक्षी पार्टी के सदस्य थे, लेकिन उन्होंने जो कुछ कहा था, वह पूरे विश्वास के साथ कहा था और बाद में भी उसी दिशा में आगे बढ़ते रहे।
2013 में SRCC भाषण क्यों था अहम?
6 फरवरी 2013 का SRCC भाषण नरेंद्र मोदी के राजनीतिक सफर में काफी महत्वपूर्ण माना गया था। उस समय वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे। SRCC में छात्रों के बीच दिए गए उस भाषण ने राष्ट्रीय स्तर पर उनकी राजनीतिक छवि को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। इसके बाद 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले नरेंद्र मोदी को बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर पेश किया गया। यही वजह है कि 13 साल बाद SRCC के शताब्दी समारोह में उनके उसी पुराने भाषण का जिक्र राजनीतिक और सामाजिक नजरिए से भी महत्वपूर्ण हो गया।
2013 के ‘तीसरे नजरिए’ में क्या कहा था मोदी ने?
2013 में नरेंद्र मोदी ने छात्रों को समझाया था कि किसी एक स्थिति को देखने के अलग-अलग तरीके हो सकते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा था कि आशावादी व्यक्ति को ग्लास आधा भरा दिखाई देता है, जबकि निराशावादी को वही ग्लास आधा खाली नजर आता है। मोदी ने इसके आगे अपना ‘तीसरा नजरिया’ बताया था। उनके मुताबिक ग्लास को सिर्फ आधा भरा या आधा खाली देखने के बजाय यह भी देखा जा सकता है कि वह आधा पानी और आधा हवा से भरा है। उनका तर्क था कि इसी सकारात्मक ऊर्जा और सोच के जरिए निराशा के माहौल को बदला जा सकता है।
2026 में फोकस ‘विकसित भारत 2047’ पर
शनिवार को SRCC के शताब्दी समारोह में पीएम मोदी के भाषण का बड़ा हिस्सा 2013 के भारत और मौजूदा भारत के बीच अंतर पर केंद्रित रहा। उन्होंने देश के भविष्य के लिए विकसित भारत 2047 के विजन की भी बात की। इस तरह 13 साल पहले छात्रों के सामने रखे गए सकारात्मक नजरिए को प्रधानमंत्री ने वर्तमान भारत और भविष्य के लक्ष्य से जोड़ने की कोशिश की।
2013 से 2026 तक बदल गया संदर्भ
SRCC में पीएम मोदी के दोनों भाषणों के बीच 13 साल का अंतर है। 2013 में वह गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर कॉलेज पहुंचे थे, जबकि शनिवार को वह प्रधानमंत्री के रूप में शताब्दी समारोह में शामिल हुए। इस दौरान भारत की राजनीतिक और आर्थिक परिस्थितियों में बड़े बदलाव आए हैं। ऐसे में पीएम मोदी द्वारा अपने पुराने ‘आधा पानी-आधा हवा’ वाले उदाहरण को दोबारा याद करना उनके लिए 2013 के विजन और आज के विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को जोड़ने का माध्यम भी रहा।
PM Modi SRCC Speech: क्या है मुख्य संदेश?
पीएम मोदी के शनिवार के संबोधन में सबसे अहम संदेश यही रहा कि किसी भी परिस्थिति को केवल कमी या नकारात्मकता के नजरिए से नहीं देखना चाहिए। 2013 में उन्होंने जिस ‘तीसरे नजरिए’ की बात की थी, 13 साल बाद उसी उदाहरण को याद करते हुए उन्होंने बताया कि वह सोच आज भी उनके विजन का हिस्सा है।
यानी 2013 का ‘आधा पानी-आधा हवा’ वाला ग्लास अब 2047 के विकसित भारत के विजन से जुड़ गया है।

