- गाजियाबाद के आरडीसी स्थित कैफे में डेटिंग ऐप के जरिए युवक को बुलाकर 36 हजार रुपए वसूलने का आरोप
- आरोपी लड़कियों के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाकर गाजियाबाद और दिल्ली-एनसीआर के लोगों को निशाना बनाते थे
- गाजियाबाद क्राइम ब्रांच ने गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है
गाजियाबाद में डेटिंग ऐप के जरिए दोस्ती कर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है. आरोप है कि गिरोह के सदस्य लड़कियों के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाते थे और युवकों से चैटिंग कर उन्हें मिलने के लिए कैफे में बुलाते थे. इसके बाद खाने-पीने का भारी बिल बनाकर उनसे जबरन पैसे वसूले जाते थे.
ताजा मामला गाजियाबाद के आरडीसी स्थित एक कैफे से जुड़ा है. यहां डेटिंग ऐप पर हुई दोस्ती के बाद एक युवक को मिलने के लिए बुलाया गया था. आरोप है कि कैफे में खाने के बिल के नाम पर युवक से 36 हजार रुपए की जबरन वसूली की गई. पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस से की, जिसके बाद एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई.
डेटिंग ऐप पर लड़की ने की दोस्ती
पुलिस के मुताबिक, गिरोह लोगों को फंसाने के लिए विभिन्न डेटिंग ऐप का इस्तेमाल करता था. ऐप पर किसी लड़की के नाम और तस्वीर से फर्जी प्रोफाइल बनाई जाती थी. इसके बाद युवकों से बातचीत शुरू कर उनका भरोसा जीता जाता था.
कुछ समय तक चैटिंग करने के बाद युवक को मिलने के बहाने पहले से तय कैफे में बुलाया जाता था. यहां खाने-पीने की चीजें ऑर्डर करने के बाद सामान्य से कई गुना अधिक बिल थमा दिया जाता था. विरोध करने पर पीड़ित पर दबाव डालकर बिल का भुगतान करवाने का आरोप है.
कैफे के बिल के नाम पर 36 हजार रुपए वसूले
आरडीसी के कैफे में पहुंचे युवक के साथ भी कथित तौर पर इसी तरीके से ठगी की गई. डेटिंग ऐप पर दोस्ती करने वाली लड़की ने उसे मुलाकात के लिए कैफे में बुलाया. मुलाकात के बाद युवक के सामने खाने-पीने का 36 हजार रुपए का बिल रख दिया गया.
पीड़ित ने इतनी बड़ी रकम का विरोध किया, लेकिन आरोपियों ने कथित रूप से दबाव बनाकर उससे पैसे वसूल लिए. घटना के बाद युवक ने पुलिस से संपर्क किया और पूरी जानकारी दी. शिकायत के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच आगे बढ़ाई.
क्राइम ब्रांच ने चार आरोपियों को पकड़ा
गाजियाबाद क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर अनिल राजपूत की टीम ने मामले की जांच करते हुए गिरोह का पर्दाफाश किया. पुलिस ने इस गिरोह से जुड़े चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों, फर्जी प्रोफाइल और संभावित पीड़ितों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है.
पुलिस का कहना है कि यह गिरोह केवल गाजियाबाद ही नहीं, बल्कि दिल्ली-एनसीआर के अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों को निशाना बनाता था. डेटिंग ऐप पर फर्जी प्रोफाइल के जरिए संपर्क करना इस गिरोह का पहला कदम होता था. इसके बाद शिकार को चुनिंदा कैफे में बुलाकर महंगे बिल के जाल में फंसाया जाता था.
जांच में सामने आ सकता है बड़ा नेटवर्क
पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गिरोह ने अब तक कितने लोगों से इस तरीके से ठगी की है. जांच में आरोपियों के मोबाइल फोन, चैटिंग रिकॉर्ड, डिजिटल लेनदेन और डेटिंग ऐप पर बनाई गई प्रोफाइल की जानकारी महत्वपूर्ण हो सकती है.
ऐसे मामलों में कई पीड़ित बदनामी या निजी जानकारी सार्वजनिक होने के डर से पुलिस में शिकायत नहीं करते. पुलिस को आशंका है कि गिरोह ने दूसरे लोगों को भी इसी तरह निशाना बनाया हो सकता है. गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है.
डेटिंग ऐप इस्तेमाल करते समय बरतें सावधानी
डेटिंग ऐप पर किसी अनजान व्यक्ति से बातचीत करते समय उसकी पहचान की पुष्टि करना जरूरी है. पहली मुलाकात हमेशा किसी परिचित और सामान्य सार्वजनिक स्थान पर करनी चाहिए. सामने वाले व्यक्ति द्वारा बताए गए किसी चुनिंदा कैफे या रेस्टोरेंट में जाने से पहले उसकी ऑनलाइन रेटिंग और मेन्यू की कीमतों की जांच की जा सकती है.
कैफे में ऑर्डर करने से पहले कीमत पूछना और बिल की जांच करना भी जरूरी है. किसी तरह का दबाव, धमकी या जबरन भुगतान कराने की कोशिश होने पर तुरंत पुलिस की सहायता लेनी चाहिए. डिजिटल भुगतान से जुड़ी रसीद, चैटिंग और प्रोफाइल का स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखना जांच में मददगार हो सकता है.
पुलिस मामले की जांच कर रही है. गिरोह में शामिल अन्य लोगों और कैफे से जुड़े संभावित कनेक्शन के बारे में आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी.

