
झारखंड में कोयला माफिया और पुलिस की साझेदारी, 200 ट्रकों में रोज होता है अवैध कोयला परिवहन
ST.News Desk : भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड में व्यापक पैमाने पर चल रहे अवैध कोयला कारोबार को लेकर राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रांची में आयोजित प्रेसवार्ता में मरांडी ने दावा किया कि अब कोयला चोरी अपराधियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि पुलिस प्रशासन और कोयला माफिया की साझेदारी में यह संगठित धंधा फल-फूल रहा है।

उन्होंने कहा कि धनबाद जिले के निरसा, बाघमारा और झरिया क्षेत्रों में 30–40 अवैध साइटों से रोजाना 150–200 ट्रकों में कोयला निकाला जाता है। यह पूरा नेटवर्क लगभग 20–25 थानों के क्षेत्रों में संचालित होता है।
मरांडी ने आरोप लगाया कि इन साइटों को चालू कराने के लिए “हाउस” से अनुमति लेनी पड़ती है और एसएसपी के निर्देश के बाद साइटों को मंजूरी मिलती है। उन्होंने दावा किया कि साइट आवंटन के नाम पर एक करोड़ रुपये तक एडवांस वसूला जाता है। प्रति टन 8–10 हजार रुपये का अवैध कारोबार होता है, जिसका नियंत्रण कथित रूप से “हाउस” के पास रहता है।
उन्होंने कहा कि इस नेटवर्क में थाना प्रभारी, इंस्पेक्टर, डीएसपी, एसडीओ, ग्रामीण एसपी, खनन अधिकारी और अंचलाधिकारी तक शामिल हैं। मरांडी ने बाघमारा डीएसपी पुरुषोत्तम सिंह समेत कई पुलिस अधिकारियों और स्थानीय माफियाओं के नाम भी गिनाए, जिनके बारे में उन्होंने दावा किया कि वे विभिन्न साइटों का संचालन कर रहे हैं।
मरांडी ने चुनौती दी कि यदि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इन आरोपों से असहमत हैं, तो राज्य सरकार को उच्च स्तरीय जांच करानी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आए और दोषियों पर कार्रवाई हो सके।

