नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ एक और सैन्य अभियान शुरू कर सकता है। फ्लोरिडा में एक रैली के दौरान ट्रंप ने कहा, “हम एक और छोटा ‘एपिक फ्यूरी’ अभियान चला सकते हैं।” उनके इस बयान के बीच ईरानी सुरक्षा अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अमेरिका और इजरायल की ओर से नए हमले होने पर खाड़ी क्षेत्र में समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबल को निशाना बनाया जा सकता है।
ट्रंप बोले- युद्ध जल्दी खत्म कर सकते हैं
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस युद्ध को बहुत जल्दी खत्म कर सकता है। हालांकि, उन्होंने सवाल उठाया कि क्या संघर्ष को तत्काल समाप्त करना चाहिए या इसे धीरे-धीरे कमजोर पड़ने देना चाहिए।
ट्रंप ने यह भी कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की आवाजाही जारी है और अमेरिका को अपनी जरूरत की चीजें मिल रही हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद अहम समुद्री मार्ग है। अमेरिकी राष्ट्रपति इससे पहले भी ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को लेकर अलग-अलग समय-सीमाओं की बात कर चुके हैं। उन्होंने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि अमेरिका 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले ईरान पर दोबारा हमला नहीं करेगा।
ईरान ने इंटरनेट केबल को लेकर दी चेतावनी
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के दो वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों ने कहा है कि अमेरिका और इजरायल की ओर से नए हमले किए जाने की स्थिति में ईरान खाड़ी क्षेत्र में समुद्र के नीचे बिछी संचार केबल को निशाना बनाने की योजना पर काम कर रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के एक अधिकारी ने यह भी संकेत दिया कि केबल क्षतिग्रस्त होने पर उनकी मरम्मत में बाधा डालने की कोशिश की जा सकती है। हालांकि, यह अधिकारियों की ओर से दी गई चेतावनी है; इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि इंटरनेट केबल पर हमला हो चुका है। समुद्र के नीचे बिछी केबल दुनिया के देशों के बीच इंटरनेट और डिजिटल संचार का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। यदि खाड़ी क्षेत्र में कई केबल क्षतिग्रस्त होती हैं, तो इससे क्षेत्रीय इंटरनेट सेवाओं, वित्तीय लेन-देन, ई-कॉमर्स और क्लाउड सेवाओं पर असर पड़ सकता है।
मध्यावधि चुनाव के बाद फिर बढ़ सकता है तनाव
द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी और इजरायली सेनाओं ने अमेरिका के मध्यावधि चुनाव के बाद ईरान पर संभावित नए हमलों की योजनाएं तैयार की हैं। रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों और मामले से परिचित लोगों के हवाले से कहा गया है कि संभावित लक्ष्यों में ईरान का ऊर्जा ढांचा, परमाणु ठिकाने तथा मिसाइल और ड्रोन भंडार शामिल हो सकते हैं। हालांकि, सैन्य योजना तैयार होने का अर्थ यह नहीं है कि हमला करने का अंतिम फैसला हो चुका है। व्हाइट हाउस पहले कह चुका है कि चुनाव से पहले अमेरिका ईरान पर हमला नहीं करेगा। ट्रंप प्रशासन ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अपने विकल्प खुले रखने की बात भी कही है।
कई देशों ने जताई संघर्ष बढ़ने की आशंका
ईरान के खिलाफ संभावित नई सैन्य कार्रवाई को लेकर क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बनी हुई है। नए हमलों से सैन्य संघर्ष का दायरा बढ़ने के साथ ऊर्जा आपूर्ति, तेल की कीमतों और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ने की आशंका है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ नया अभियान शुरू करेगा या कूटनीतिक बातचीत के जरिए तनाव कम करने की कोशिश करेगा। आने वाले दिनों में अमेरिकी प्रशासन के फैसलों और क्षेत्रीय घटनाक्रम पर दुनिया की नजर रहेगी।
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